स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा है कि यदि मथुरा-काशी के मंदिर प्रेम से मिल जाएँ तो हिंदू उन सैकड़ों मस्जिदों पर दावा छोड़ देंगे जो मंदिरों को ध्वस्त कर खड़ी की गईं हैं।
रानियाँ मुगल फ़ौज से बचने के लिए सोनारपुरवा में छिपी हुई थीं। यहाँ पहुँच कर औरंगज़ेब के हमराहों ने पहले इलाके को लूटा और फिर रानियों का उनके सेवकों सहित सिर काट डाला।