इस बीच सचिन पायलट ने घोषणा की है कि पार्टी की लोकसभा में हार की समीक्षा के लिए उन्होंने बूथवार रिपोर्टें माँगी हैं। उसी आधार पर इस हार के कारणों और कारकों का निर्धारण होगा।
अशोक गहलोत ने कहा, "यदि जीतने पर श्रेय लेने के लिए सभी लोग आगे आ जाते हैं तो हारने पर भी ज़िम्मेदारी सामूहिक होनी चाहिए। ये चुनाव किसी एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सामूहिक नेतृत्व में संपन्न हुआ है।"
हरीश मीणा का धरना तीन दिन से जारी है। उनकी माँग भजनलाल मीणा नामक ट्रैक्टर-चालक को न्याय दिलाने की है, जिनकी संदेहास्पद स्थितियों में टोंक के लक्ष्मीपुरा गाँव में मौत हो गई थी।
इसी क्षेत्र में अब तक 10 चुनाव जीत चुके गहलोत की 93 रैलियों का कोई असर नहीं हुआ और उनके ख़ुद के ही विधानसभा क्षेत्र में उनके बेटे लीड नहीं ले सके। सरदारपुरा में वैभव गहलोत लगभग 18,000 मतों से पीछे छूट गए। कुल पौने 3 लाख मतों के अंतर से उनकी बुरी हार हुई।
राज्य के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने इस्तीफा दे दिया। वह अपना फोन बंद कर के नैनीताल रवाना हो गए हैं। मंत्री कटारिया की पत्नी गायत्री देवी ने अपने पति द्वारा इस्तीफा देने की बात की पुष्टि की है। गायत्री देवी ने बताया कि इस्तीफा के बाद लोगों के फोन कॉल से बचने के लिए उन्होंने अपना फोन स्विच ऑफ...
चुनावों के बीच गैंगरेप के इस मामले ने पूरे इलाके में रोष का माहौल पैदा कर दिया है। आरोपितों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई को लेकर जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। लेकिन अभी तक इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत या उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का बयान नहीं आया है।
गहलोत ने गम्भीरता से अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर मोदी दोबारा जीत जाता है तो या तो यहाँ चुनाव ही नहीं होंगे या भारत में रूस या चीन जैसी स्थिति हो जाएगी। गहलोत ने आगे बताया कि मोदी चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
आज हम गाज़ी फ़क़ीर की बात इसीलिए कर रहे हैं क्योंकि इससे जुड़ी एक बड़ी ख़बर आई है। उसके इतिहास और भूगोल को समझने से पहले हमें आईपीएस अधिकारी पंकज चौधरी के केस को समझना पड़ेगा, जिन्हें आज बर्ख़ास्त कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि इस दौरान पुलिस पर पत्थर भी फेंके गए हैं, जिसके जवाब में भीड़ पर क़ाबू पाने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी है। मामले को क़ाबू में रखने के लिए भारी मात्रा में पुलिस सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।