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इतिहास

‘मुसलमानों ने मजहब नहीं भारत को चुना’ – यह एक मिथक है, यकीन न हो तो सरदार पटेल का 1948 वाला यह भाषण सुनिए

सरदार पटेल ने जनवरी 1948 में कोलकाता में अपने भाषण में उन भावनाओं को आवाज़ दी जो हमारे ‘धर्मनिरपेक्ष’ नेताओं को गहरा मानसिक आघात दे सकते हैं।

सिंहासन खाली हुई लेकिन जनता नहीं, सत्तालोलुप नेता आए: जेपी के वो चेले, जिन्होंने उड़ा दी गुरु की ही ‘धज्जियाँ’

यूपी-बिहार ही नहीं, पूरे देश में कई ऐसे बड़े नेता हैं, जो आज राजनीति के इस मुकाम पर इसीलिए हैं क्योंकि उन पर कभी जयप्रकाश नारायण का हाथ था। लेकिन, इन नेताओं की प्राथमिकता में जनता कभी रही ही नहीं।

चे ग्वेरा: रक्तपिपासु, होमोफ़ोबिक, नस्लवादी.. मार्क्सवादी क्रांति व लिबरल्स के रूमानी नायक से जुड़े वो खौफनाक तथ्य जिन्हें सभी नकारना चाहते हैं

'ग्वेरावादियों' ने ऐसी किसी भी चीज़ से मुँह मोड़ लिया, जो ग्वेरा की आदर्श छवि के साथ फिट नहीं बैठती। ग्वेरा निश्चित ही एक जल्लाद था। उसकी नजरों में इंसानों की मौत कुछ भी नहीं थी।

1000 वर्ष बाद पूरा होगा राजा भोज का स्वप्न, ‘उत्तर के सोमनाथ’ मंदिर का निर्माण कार्य पूरा करवाएगी मोदी सरकार

सोमनाथ के अपमान से क्रुद्ध राजा भोज के हमले के बाद महमूद गजनवी तो रेगिस्तान में भाग खड़ा हुआ लेकिन उसके बेटे सालार मसूद को मौत के घाट उतार दिया गया, तब इस मंदिर का निर्माण हुआ था।

पूना पैक्ट: समझौते के बावजूद अंबेडकर ने गाँधी जी के लिए कहा था- मैं उन्हें महात्मा कहने से इंकार करता हूँ

अंबेडकर ने गाँधी जी से कहा, “मैं अपने समुदाय के लिए राजनीतिक शक्ति चाहता हूँ। हमारे जीवित रहने के लिए यह बेहद आवश्यक है।"

हथियारों से लैस होना जरूरी, वरना भेड़िये तो राह चलते साधुओं पर भी अकारण झपट्टा मारते हैं: दिनकर ने क्यों कहा था ऐसा?

फ़रवरी 21, 1963 को राज्यसभा में दिए अपने भाषण में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने समझाया था कि अहिंसा का अर्थ क्या होता है।

स्वामी विवेकानंद का शिकागो संदेश: 3 भविष्यवाणी में 2 पूरे, आखिरी को भी हकीकत बनाने की ओर भारत

127 साल पूर्व 11 सितंबर के दिन ही शिकागो शहर का ‘पार्लियामेंट ऑफ़ रिलीजन’ सभागार में स्वामी विवेकानंद ने अपना वह ऐतिहासिक भाषण दिया था।

दारा शिकोह: ‘धोखे’ से जिसकी 4 लाख की सेना 40000 वाले औरंगजेब से हारी और इतिहास ने जिसके साथ फिर किया ‘धोखा’

दारा शिकोह के एक हाथ में पवित्र कुरान थी और दूसरे हाथ में पवित्र उपनिषद। वो मानता था कि हिन्दू और इस्लाम धर्म की बुनियाद एक है। वो नमाज और...

गद्दार को खदेड़ कर गोली मारने वाले कन्हाई: वो जो भगत सिंह से भी कम उम्र में फाँसी पर चढ़े, जिनका खुदीराम से है...

दोनों के सिर्फ नाम व जन्मदिन ही समान नहीं हैं बल्कि कृष्ण की तरह कनाईलाल ने भी अपने लोगों को गुलामी से मुक्ति दिलाने के लिए लड़ाई लड़ी।

नेपाल में मिली 3800 साल पुरानी किराट देवी की मूर्ति: धुलीखेल में सतह से 300 मीटर अंदर पाया गया, देख कर दंग हुए लोग

"धूलिकेल में एक प्राचीन नेपाली महिला की यह अद्भुत आकर्षक प्रतिमा नेपाली कला और इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है।"

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