सवाल बस इतना था कि क्या गाँधी परिवार ने अस्थायी क्वारंटाइन सेंटर्स, अस्पताल, ऑक्सीजन प्लांट्स बनवाने या प्रवासी मजदूरों के लिए भोजन की व्यवस्था करने में कोई योगदान दिया है?
क्विंट ने इस वीडियो में दिल्ली सरकार का डैशबोर्ड दिखाया था जिसका श्रीनिवास इस्तेमाल कर रहे थे। यह वही डैशबोर्ड है जिसकी कुछ दिन पहले बेड उपलब्धता के बारे में गलत जानकारी देने के लिए आलोचना हुई थी।
आज छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री इस बात से नाखुश हैं कि पीएम ने राज्यों को कोरोना वैक्सीन देने की बात नहीं की। लेकिन, फरवरी में वही इसके असर पर सवाल उठा रहे थे।
ऐसा लगता है कि कॉन्ग्रेस ने मान लिया है कि सोनिया या राहुल के पत्र गंभीरता नहीं जगा पाते। उसके पास किसी भी तरह के पत्र को विश्वसनीय बनाने का एक ही रास्ता है और वह है मनमोहन सिंह का हस्ताक्षर।
मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के बाद अब पार्टी की प्रवक्ता नूरी खान का वीडियो वायरल हुआ है। इसमें वह उज्जैन के अस्पताल में डॉक्टरों के साथ बहस करती दिख रही हैं।
कॉन्ग्रेस समर्थक साकेत गोखले ने एक बार फिर से फेक न्यूज फैलाने का काम किया है। गोखले ने बेबुनियाद ट्वीट्स की सीरीज में आरोप लगाया कि भाजपा ने महाराष्ट्र में अपने पार्टी कार्यालय में 4.75 करोड़ रुपए की रेमडेसिविर (Remdesivir) की जमाखोरी की है।