बकौल निरुपम महाविकास अघाड़ी की सरकार अस्थिर है और यह लंबे समय तक नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार बेहद कमजोर विकेट पर खेल रही है और किसी भी वक्त गिर सकती है।
"आज यदि राजमाता साहब हमारे बीच होतीं तो आपके इस निर्णय पर जरूर गर्व करती। ज्योतिरादित्य ने राजमाता जी द्वारा विरासत में मिले उच्च आदर्शों का अनुसरण करते हुए देशहित में यह फैसला लिया है, जिसका मैं व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों ही तौर पर स्वागत करती हूँ।"
"मेरे गृह राज्य के लिए हमने एक सपना पिरोया था। 2018 में वहॉं सरकार बनी, लेकिन 18 महीनों में वे सपने बिखर गए। किसानों से 10 दिन में कर्ज माफी की बात कही गई थी। लेकिन 18 महीनों में नहीं हो पाया। रोजगार की जगह भ्रष्टाचार के अवसर पैदा हुए।"
माधवराव सिंधिया जब जनसंघ के सदस्य बने थे, तब उनकी उम्र मात्र 25 साल थी। बाद में वे कॉन्ग्रेसी हो गए। आज जैसे कॉन्ग्रेस में उनके बेटे को दरकिनार किया गया है, ऐसा कभी उनके साथ भी हुआ था। तब 1993 में उन्होंने 'मध्य प्रदेश विकास कॉन्ग्रेस' बनाई थी।
विधायकों ने पत्र में लिखा है कि बेंगलुरु और आस पास के इलाकों में सुरक्षा को बढ़ाया जाए। साथ ही नेताओं ने माँग की है कि स्थानीय पुलिस उन्हें सुरक्षा और एस्कॉर्ट उपलब्ध कराए।
सिंधिया के लिए 'भारतीय कॉमेडियन' और 'सत्ता का भूखा सिंधिया' जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया। विकिपीडिया पेज पर ढूँढने पर पता चलता है कि कुछ और भी जानकारियों से छेड़छाड़ की गई है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को अपना इस्तीफ सौंपा है। उनका बीजेपी में जाने की बस औपचारिकता भर बाकी है। बहरहाल, जवाब में कॉन्ग्रेस ने भी ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी से बेदखल कर दिया है।
“जब जूनियर्स को मंत्री बनाया जाता है और कई बार विधायक होने के बावजूद आपको मंत्री नहीं बनाया जाता है, तो गुस्सा आना स्वाभाविक है। अगर आपके हितों की रक्षा नहीं की जाती है, तो इसमें गुस्सा होने में कुछ भी गलत नहीं है।”
यस बैंक घोटाले से कॉन्ग्रेस और गॉंधी परिवार के लिंक मिले हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बैंक के फाउंडर राणा कपूर के गाँधी परिवार से घनिष्ठ संबंध थे। उन्होंने 2 करोड़ रुपए में प्रियंका गाँधी की एक पेंटिंग खरीदी थी। यह खुलासा ईडी द्वारा कपूर से की गई लगभग 30 घंटे की पूछताछ से हुआ।
कॉन्ग्रेस अपने राजनैतिक विरोधियों को किस तरह प्रताड़ित करती है, यह संजय पाठक से सुनिए। वे हत्या की आशंका जता रहे हैं। कह रहे हैं कि कॉन्ग्रेस में शामिल होने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जब से कॉन्ग्रेस के खुद के MLA बागी हुए हैं वे निशाने पर हैं।