इंदिरा ने पुराने कॉन्ग्रेस को फुस्स कर एक ऐसी कॉन्ग्रेस खड़ी कर ली जहाँ उनके चाटुकारों ने 'इण्डिया इज इंदिरा एंड इंदिरा इज इण्डिया' कहने में भी संकोच नहीं किया।
नई दिल्ली स्टेडियम में 50,000 लोगों ने 'चाचा नेहरू' के नारे के बीच जन्मदिन का जश्न मनाया। जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में ही इसे 'बाल दिवस' घोषित किया गया।
पिछले गुजरात विधानसभा चुनाव के समय बनी राहुल गाँधी की नव हिंदू की छवि अब लगभग ख़त्म हो चुकी है, ऐसे में कॉन्ग्रेस घूम-फिर कर अपनी मूल कक्षा में जा पहुँची है।