पुलिस ने लड़की का मेडिकल कराने के बाद पीड़िता के बयान पर आईपीसी की धारा 342, धारा 366ए, धारा 376 के अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और धारा 17 में मामला दर्ज कर शाहबुद्दीन गाजी और उसकी पत्नी रेहाना बीवी को गिरफ्तार कर लिया।
रायपुर में दो बहनों की हत्या करने के मामले में एक नाबालिग सहित तीन आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपित शोएब अहमद अंसारी (25) उर्फ सैफ, गुलाम मुस्तफा (18) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ जारी है।
“निर्भया कांड को लगभग 7 साल हो चुके हैं। अभी तक न्याय नहीं मिला। मुझे शर्म और बेबसी महसूस होती है। गुनहगारों को सजा उसी दिन मिलनी चाहिए जिस दिन उन्होंने देश की बेटी के आबरू को तार-तार किया था।”
तिहाड़ जेल प्रशासन कोई रिस्क नहीं लेना चाहता, क्योंकि संसद हमले के दोषी आतंकी अफजल को फाँसी पर लटकाने से पहले भी उसके वजन की डमी को फाँसी देकर ट्रायल किया गया था। उस ट्रायल में रस्सी टूट गई थी। चूँकि इस बार मामला चार कैदियों का है, इसी वजह से...
अगर सिर्फ आरोप के आधार पर किसी को बलात्कारी कहकर गोली मारने का जोश थोड़ा कम हो गया हो तो सोचिएगा। न्यायिक प्रक्रिया के त्वरित होने, और ‘बनाना रिपब्लिक’ होने में फर्क तो होता है ना?
चारो आरोपितों अल्ताफ, सरफराज उर्फ सफ्फू, इरशाद उर्फ मंगली व सौयब ने लगभग दो घंटे बाद पीड़िता नाबालिग को खेत में ही छोड़ कर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़िता ने घर आकर आपबीती अपनी माँ को बताई तो......
“आखिरी बार जब उसने मुझसे बात की थी, तो वो रास्ते में थी। उसने मुझसे फल काटकर रखने के लिए कहा था। उसने कहा था कि उसे बहुत भूख लगी है। लेकिन... मैं चाहती हूँ कि वे उसी तरह से जले, जैसे उसने मेरी बेटी को जलाया।”
लगभग दो महीने पहले दानापुर खगौल से मोहम्मद दानिश नाम का मैथ टीचर अपनी ही 15 वर्षीय स्टूडेंट, जो कि दूसरे धर्म की बताई जाती है को लेकर फरार हो गया था और उसका धर्मांतरण कराने की भी फिराक में था।
मोइन के कहने पर अयाज़ और मुबारक कार लेकर उस गली में पहुँचे जहाँ जावेद अली का घर था। घर के बाहर खेल रहे उनके बेटे से दोनों ने रेस्तरां का रास्ता पूछा। रेस्तरां ले जाने के लिए जावेद का बेटा उनकी गाड़ी में बैठ गया और उसे अयाज़ और मुबारक अगवा कर ले गए।