दुकान का नाम गुजराती में लिखा हुआ है। ऑपइंडिया ने इस फोटो को लेकर और चीजें पता लगाने की कोशिश की और पाया कि बोर्ड पर 'चन्द्रमानवाला' लिखा हुआ है, जो गुजरात के पाटन के पास स्थित है।
अब तक देश में 344 मामले सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि अब इस वायरस का प्रकोप तीसरे स्टेज में पहुँच रहा है, जो चिंता का विषय है। गुजरात में सरकार ने लॉकडाउन की भी घोषणा की है। अभी तक देश भर के विभिन्न राज्यों में लगभग 75 जिलों में लॉकडाउन की घोषणा की जा चुकी है।
मुस्तफा 10 मार्च को दुबई से लौटा था। एक हफ्ते अहमदाबाद में रहने के बाद वह 17 को जामनगर पहुॅंचा। वहॉं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उससे संपर्क किया। लेकिन आइसोलेशन में भेजे जाने से पहले वह फरार हो गया।
चारों युवकों के हाथ में थैला देखकर पुलिस को शक हुआ और जब उन्हें रोककर छानबीन हुई तो उसमें से 100 से ज्यादा तलवारें निकलीं। इसके बाद आरोपितों ने पुलिस को बरगलाने की कोशिश की, फर्जी रसीद दिखाई। मगर सख्ती से पूछताछ पर सब सच्चाई उगल दी।
NSUI नेता अहर्निश मिश्रा बार-बार प्रोफ़ेसर पर यह बोलने का भी दबाव बना रहा था कि “बोल, मैं अतुल, मेरी माँ का भो#$@।” NSUI नेताओं ने माँ सरस्वती के लिए भी अपशब्दों का प्रयोग किया और संस्कृत भाषा का मजाक बनाया। जान से मार डालने की धमकी दी।
गुजरात कॉन्ग्रेस विधायक सोमा पटेल और जेवी काकडिया ने राज्यसभा में उनके समुदाय के सदस्य को न भेजे जाने से नाराज होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सोमा पटेल ने राज्यसभा सीट कोली समुदाय को देने की माँग की थी। लेकिन गुजरात से कोली समुदाय के सदस्य को टिकट नहीं दिया गया।
इन 4 युवकों पर कच्छ के नलिया वायुसेना की डिप्लॉयमेंट की जानकारी और वायुसेना की मूवमेंट सीमा पार पाकिस्तान भेजने का आरोप है। इस काम के लिए ये एयरबेस के आसपास ऊँची जगह पर जाकर फोटो लेते थे और पाकिस्तान भेजते थे।
"मैंने सदन में नितिन भाई से कहा कि वह अकेले नहीं है। कॉन्ग्रेस उनके साथ है। यदि वे 20 विधायकों के साथ उनकी पार्टी (कॉन्ग्रेस) में शामिल हो जाएँ, तो कॉन्ग्रेस उन्हें डिप्टी सीएम से सीएम बना देगी।"
अब तक कुल 20 घरों को आग के हवाले किया जा चुका है और इतनी ही गाड़ियों को भी फूँका जा चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दौरे के कारण अहमदाबाद में अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, जिसका फायदा उठा कर हिन्दुओं के घरों व गाड़ियों को जला डाला गया।
खम्भात स्थित आनंद जिले के कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक दिव्य मिश्रा ने बताया है कि रविवार को अकबरपुरा इलाके में दोनों समुदायों के बीच 24 जनवरी के दंगे को लेकर मौखिक बहस शुरू हो गई, जो आपस में मारपीट और पथराव में बदल गई।