ये घटना कुपवाड़ा के केरन सेक्टर की है, जहाँ एलओसी के पास पाकिस्तान की इस हरकत को नाकाम किया गया। भारतीय सेना द्वारा जारी की गई वीडियो में 5 बैट आतंकियों की लाशें और उनके हथियार दिख रहे हैं।
"वॉशिंगटन पोस्ट की पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग में इस सच को नजरअंदाज किया गया कि अनुच्छेद 370 और 35ए के कारण अल्पसंख्यक, महिलाएँ और समाज के कमजोर वर्ग के लोग लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रहे जबकि कश्मीर भ्रष्टाचार, अलगावववाद की जमीन बन गई।"
डोभाल ने कहा कि सेना द्वारा किसी को प्रताड़ित करने का सवाल ही नहीं उठता। सेना की भूमिका आतंकियों से निपटने तक सीमित है। कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य पुलिस और कुछ केंद्रीय बलों के हाथ में है। आर्टिकल 370 हटाए जाने का वही विरोध कर रहे जो शांति नहीं चाहते हैं।
सेना के अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में लाया गया था। डॉक्टरों के प्रयास से बच्ची खतरे से बाहर है और अगले 72 घंटों के बाद उसे हास्पिटल से छुट्टी दे दी जाएगी।
शेहला ने भारतीय सेना पर रात में कश्मीर के लोगों के घरों में घुसने, गैर-कानूनी रूप से लड़कों को उठाने, घरों में छानबीन करने, चावलों में तेल मिलाने, शोपियाँ में कश्मीरी लड़कों को बंधक बनाकर दहशत फैलाने जैसे कई आरोप लगाए थे।
अगर एक अंतरराष्ट्रीय संस्था के लिए श्रीलंका की सरकार और लिट्टे समान हैं, इस्लामी देशों में महिलाओं को दोयम दर्जे के अधिकारों का मिलना सही लगता है, नेटिव अमेरिकन महिलाओं का रेप स्वैच्छिक सेक्स लगता है, भारत में जिहादी आतंकियों का पलड़ा भारी है, तो समस्या बहुत बड़ी है।
अर्बन नक्सलियों का साथ देने से लेकर तालिबान से संबंध होने तक के आरोप लग चुके होने के बावजूद Amnesty International सुधर नहीं रहा। अब वह कश्मीर के मुद्दे को भुनाने के चक्कर में कुछ नहीं बल्कि जिहाद का संरक्षण ही कर रहा है।
......उसके पास जो स्कार्फ मिला है वो कश्मीरी है। जिससे उसकी बात साफ झूठी लग रही है। अभी तक पूछताछ के दौरान वह ये नहीं बता पाया कि आखिर वह महिलाओं के कपड़े पहनकर क्यों घूम रहा था। इसलिए उस पर शक गहराता जा रहा है।
"हमारी फ़ौज बलूचिस्तान में अपने ही लोगों पर बम बरसा रही है। हम अपने ही लोगों को कैसे मार सकते हैं? जरा सोचिए अपने ही लोगों पर बम बरसाना और उन्हें मारना कितना अनुचित है। ट्राइबल क्षेत्रों में 60 लाख लोगों पर बम बरसाए जा रहे हैं।"