कोरोना के कारण नांदेड़ में लॉकडाउन है। गुरुद्वारे में ही 'होला मोहल्ला' की अनुमति दी गई थी। लेकिन, जुलूस निकालने पर अमादा भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब्बास और उसके साथी सड़क पर कुर्सी लगाकर बैठे हुए थे, जिसे हटाने की बात को लेकर व्यापारियों ने पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता और मारपीट की।
पुलिस ने गुलशेर, गुलनवाज़ और युसूफ का जुलूस निकाला, उठक बैठक लगवाई और पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान तीनों नारे भी लगा रहे थे, ‘अपराध करना पाप है पुलिस हमारी बाप है।’
विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला दोनों ही अपराधियों में कई बातें एक जैसी हैं, दोनों के जीवन का शुरूआती जीवन हो या अंत, एनकाउंटर के अलावा ऐसी तमाम बातें हैं जब दोनों एक जैसे ही नज़र आते हैं।
बताया जा रहा है कि विकास दुबे भेष बदलने में माहिर है और अपने पास मोबाइल फोन नहीं रखता। राजस्थान के एक नेता के साथ उसके बेहद अच्छे संबंध की भी बात कही जा रही है।
वीरगति को प्राप्त हुए एक जवान ने गोली लगने के बाद भी, मौत से पहले, खून से सने सड़क पर लेटे एक पुलिसकर्मी ने मामले को सुलझाने में पुलिस की मदद करने के लिए अपने हाथ पर वाहन का नंबर लिखा था।