इन नए मामलों के आने के बाद से वहाँ का स्वास्थ्य विभाग अब इस जाँच-पड़ताल में लगा है कि इन 10 कोरोना संक्रमित लोगों के सम्पर्क में कौन कौन आया था। जाँच का दायरा बढ़ता जा रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने उन्हीं लोगों को धोखा दिया है, जिनके बल पर वह सत्ता पाता है। वो जानता था कि दिल्ली में वो 2 लाख लोगों की कोई व्यवस्था नहीं कर सकता। ऐसे में अफवाहें फैलाई गई और उन गरीब मजदूरों को घर से बाहर निकालने का षड्यंत्र रचा गया ताकि वो दिल्ली छोड़कर कहीं भी जा सकें।
बिहार के मंत्री संजय कुमार झा ने बताया कि दूसरे राज्यों से पहुँचने वाले सभी प्रवासी मजदूरों को 14 दिन तक बॉर्डर पर राहत केंद्रों में क्वारंटाइन किया जाएगा। क्वारंटाइन सेंटर में सभी को खाने-पीने के साथ जरूरी सुविधाएँ दी जाएँगी।
सैफ की 21 मार्च को मौत हो गई थी। अब पता चला है कि जॉंच रिपोर्ट आने से पहले ही उसका शव परिवार को सौंप दिया गया था। इससे परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और उनके संपर्क में आने वाले अन्य व्यक्तियों के संक्रमित होने का खतरा मंडरा रहा है।
वहीं सैफ के संपर्क में आने वाली लिस्ट में सबसे अधिक सैफ के परिवार के लोग शामिल है, चाहे फिर वह माँ-बाप, पत्नी-बच्चे हों या फिर वह भाई-बहन हो। इसके बाद आस-पड़ोस के लोग और फिर लिस्ट में कुछ रिश्तेदारों के नाम भी शामिल हैं। वहीं सैफ को गंभीर हाताल में जिन-जिन अस्पतालों में भर्ती किया गया उनसे भी कई नामों को स्वास्थ्य विभाग ने अपनी लिस्ट में शामिल किया है, जिसमें डॉक्टर और नर्स भी शामिल हैं।
राज्य में जितने भी पेंशनधारक हैं, उन्हें अगले तीन महीने की पेंशन राशि अभी ही दे दी जाएगी ताकि वो अपना और परिवार का ख्याल रख सकें। राशन कार्ड धारकों को 1000 रुपए भी दिए जाएँगे।
स्थानीय लोगों का कहना था कि सरकार को इन विदेशियों के बारे में जानकारी होनी चाहिए थी लेकिन कुछ लोगों की मदद से इन लोगों को धार्मिक स्थल की आड़ में छिपाया गया। इन लोगों ने अपनी मेडिकल जाँच भी नहीं करवाई और बिहार में घूम-घूमकर इस्लाम का प्रचार करते रहे।
कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राजस्थान, उड़ीसा, पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तराखंड ने पूरी तरह से लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है। इसके अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, मध्य प्रदेश, नागालैंड और केरल में भी आंशिक लॉकडाउन किया गया है। वहीं पश्चिम बंगाल और दिल्ली में सोमवार (मार्च 23, 2020) शाम से लॉकडाउन की घोषणा की गई है।
बिहार में अब तक कोरोना के दो मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से एक की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि राज्य में हाल में विदेश से 520 लोग लौटे हैं। इसके कारण आशंका जताई जा रही है कि कोरोना के और भी मरीज हो सकते हैं, जिन्हें आइसोलेट कर इलाज किए जाने की ज़रूरत है।