2008 में मुंबई में हुए 26/11 आतंकवादी हमले की सर्वाइवर और प्रत्यक्षदर्शी देविका रोताव ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस से मुलाकात की। जानें क्या हुई बात।
29 साल पहले आज की ही तारीख (12 मार्च) में मुंबई में लगातार 12 जगह हुए 12 बम विस्फोटों ने पूरे देश को हिलाया था। इन हमलों की खबर गुल ने पहले ही पुलिस को दी थी।
हरिश्चंद्र श्रीवर्धनकर अब इस दुनिया में नहीं हैं। देविका रोतावन तंगहाली में जीवन गुजार रही हैं। इन दोनों को 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुआ हमला जोड़ता है।
'उनके घर एक कुत्ता भी नहीं जाता' - ये शब्द थे एक CPI(M) मुख्यमंत्री के, बलिदानी मेजर संदीप उन्नीकृष्णन के परिवार के लिए। पढ़िए कैसे एक बहादुर जवान ने देश के लिए खुद को बलिदान कर दिया।