लोकसभा में चर्चा हो गई, सवालों का जवाब दे दिया गया, सुप्रीम कोर्ट ने संतुष्टि जता दी, बिंदुवार आँकड़े दे दिए गए, कैग की रिपोर्ट आ गई, लेकिन राहुल का लिप-लॉक टूट ही नहीं रहा!
भारत ने पहले प्रस्तावित 126 विमान सौदे की तुलना में 36 राफेल विमान अनुबंध में 'इंडिया स्पेसिफिक एनहांसमेंट (India Specific Enhancement)' के मामले में 17.08% बचाने में कामयाबी हासिल की।
राहुल गाँधी हमेशा से ही नए-नए तरीक़ों का इस्तेमाल करके भाजपा के ख़िलाफ़ टीका-टिप्पणी करते नज़र आते हैं। फिर भले ही कॉन्ग्रेस का हर दावा झूठा ही क्यों न साबित हो जाए।
एसपी सिन्हा ने कहा कि हिन्दू में इस मामले में लेख लिखने वाले एसके शर्मा इस टीम का हिस्सा ही नहीं थे। सिन्हा ने लेख पर सवाल उठाते हुए कहा कि शर्मा ने रक्षा सौदे को बिगाड़ने के लिए कहीं किसी के इशारे पर यह लेख तो नहीं लिखा है?
स्मृति ईरानी ने कहा कि SC सरकार के पक्ष में फ़ैसला दे चुकी है, रक्षा मंत्री ने विपक्ष के सभी सवालों का जवाब दिया है, कैग के पास मामले से जुड़ी सभी फ़ाईल है। इस मामले पर कॉन्ग्रेस का असली चेहरा लोगों के बीच आ गया है
लगभग तीस सालों से नवयुवक रह चुके कॉन्ग्रेस अध्यक्ष शायद बुनियादी गणित नहीं जानते। वैसे, गणित तो दूर की बात है, काग़ज़ों से उनके बैर के कारण वो आज तक पढ़कर ये नहीं बता पाए हैं कि राफ़ेल फ़ाइटर का दाम कितना था उनके समय में।
फ़र्ज़ी ख़बरों के अनुसार, ये विमान अगली पीढ़ी के F4 स्टैंडर्ड के होंगे और इस सौदे की प्रति यूनिट कीमत भारत F3R मानक के 36 राफ़ेल जेट विमानों के लिए चुकाए जा रहे क़ीमत की लगभग आधी है।
राहुल गाँधी ने कहा कि फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रोन ने खुद (रिलायंस के ऑफसेट पार्टनर के बारे में ) उनसे कहा था। मगर फ्रांसीसी सरकार ने इससे इनकार कर दिया।