"गुजरात दंगों की पृष्ठभूमि पर आधारित एक कहानी 'Manibein alias Bibijaan' में बजरंग दल और RSS से संबंधित संगठनों को बेहद ख़राब भूमिका में दर्शाया गया है। RSS और बजरंग दल को गुजरात दंगों में हमलावर के रूप में दिखाया जा रहा है।"
हिन्दू धर्म और प्रथाओं, परम्पराओं के प्रचार-प्रसार में शामिल लोगों को भी हमेशा सचेत रहना चाहिए कि हमारे ज्ञान और प्रणालियों को इतना धूमिल या व्यवसायीकृत न किया जाए कि उनके मूल रूप, उनकी आत्मा से छेड़-छाड़ होने लगे या वह क्षीण हो जाए।
पीड़िता ने जब इस्लाम कबूलने की बात नहीं मानी तो गुलशन शेख ने उस पर मुज्जफर लतीफ पटेल से शादी करने का दबाव डाला। उसकी तथा उसके पिता की हत्या करने की धमकी दी। आरोपितों के चंगुल से पीड़िता किसी तरह भागने में कामयाब रही और पुलिस के पास पहुँची।
NIA ने कहा था कि साज़िशकर्ताओं का मकसद केवल रामलिंगम की निर्मम हत्या तक ही सीमित नहीं था, बल्कि साम्प्रदायिक तनाव पैदा करना भी था। NIA ने यहाँ तक कहा था कि रामलिंगम की हत्या एक आतंकी गतिविधि थी, क्योंकि उन्हें मुस्लिम उपदेशकों द्वारा धर्म-परिवर्तन का विरोध करने के लिए मारा गया था।
कम्युनिस्टों की यही समस्या रही है कि उनके लिए कभी महाभारत कल्पना हो जाती है, कभी इतिहास। येचुरी जी बुजुर्ग हो गए हैं, उनको ऐसे बयान देने से बचना चाहिए।
मलाला का न्यूज़ीलैंड के मुद्दे पर दुख प्रकट करना और रवीना और रीना पर शांत हो जाना दिखाता है कि इंसान कितना ही प्रोग्रेसिव क्यों न हो जाए, लेकिन उसके भीतर मज़हब, और मज़हब का डर हमेशा जिंदा रहता है।
एक तरफ़ जहाँ बेसागाराहल्ली थाना क्षेत्र में विभिन्न गाँवों में उपद्रवी तत्वों ने मंदिरों में तोड़-फोड़ करते हुए मूर्तियों को नुकसान पहुँचाया है। वहीं दूसरी ओर इलाके में सांप्रदायिक तनाव भी फै़ल गया है
भावनाएँ आहत होना हमारा राष्ट्रीय उद्योग बन चुका है, और सुप्रीम कोर्ट का हर भावना को बचाने के लिए समय निकाल कर दही हाँडी की ऊँचाई से लेकर जलीकट्टू के सांड की सींग और होली के पानी तक के प्रयास का आम जनता जबरदस्ती सम्मान करती रही है।