दिल्ली के बाद अब अरविन्द केजरीवाल की पैनी निगाहें पंजाब में लोकसभा चुनाव पर हैं और वहाँ के लिए प्रचार कर रहे है। इसी दौरान अरविंद केजरीवाल ने एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए बेहद मार्मिक बातें सामने रखी हैं।
केजरीवाल ने कहा कि मतदान के एक दिन पहले वो ये पता लगाने की कोशिश में लगे थे कि आखिर हुआ क्या है और फिर उन्हें पता चला कि पूरा का पूरा मुस्लिम वोट कॉन्ग्रेस को शिफ्ट हो गया जो कि 12 से 13 फीसदी हैं।
लोकसभा चुनाव प्रचार के चलते मान सोमवार (13 मई, 2019) को अपने संसदीय क्षेत्र संगरूर में गोद लिए गाँव बेनड़ा पहुँचे, जहाँ उन्हें जनता के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने रोड शो का विरोध करते हुए AAP सांसद को काले झंडे दिखाए। खुद के खिलाफ प्रदर्शन देख मान कार की छत पर चढ़े और पंजाबी डांस करने लगे।
कृष्णा नगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के हफ्ते पहले ही डाक से यह पर्चे पहुँचे हुए थे। उन्हें प्राप्त करने वाले व्यक्ति ने आप कार्यकर्ताओं को सूचित भी किया था।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा के पूर्वी दिल्ली के उम्मीदवार गौतम गंभीर को कानूनी नोटिस भेजा है। इस नोटिस में गौतम गंभीर को लिखित रूप में तत्काल माफी माँगने के लिए कहा गया है।
कभी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का दावा करने वाली पार्टी के आज कैसे दिन आ गए हैं। जिसने सभी मर्यादा को ताक पर रख दिल्ली की जनता को ठगने का पूरा मॉड्यूल तैयार किया है। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो चुकी हैं।
2014 से पहले के कई वीडियो का उपयोग करके, जब पीएम मोदी सत्ता में नहीं थे, कामरा जैसे 'नफरती चिंटू' ने देश में मोदी सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार और झूठ के प्रसार का ही काम किया है।
केजरीवाल के मुताबिक गंभीर ने उनका अपमान करने के बाद उन्हीं के ख़िलाफ़ मानहानि का मामला दर्ज कराया है। अब वे भी गौतम गंभीर को मानहानि का नोटिस भेजने जा रहे हैं। केजरीवाल का कहना है कि वो इस मामले को नहीं छोड़ेंगे।
गौतम गंभीर ने लिखा है, "अगर वो ये साबित कर देते हैं कि उस पर्चे से मेरा कोई लेना-देना है, तो मैं जनता के बीच अपने आप को फाँसी लगा लूँगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो अरविंद केजरीवाल को राजनीति से संन्यास लेना होगा। क्या यह चुनौती स्वीकार है?"