कभी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का दावा करने वाली पार्टी के आज कैसे दिन आ गए हैं। जिसने सभी मर्यादा को ताक पर रख दिल्ली की जनता को ठगने का पूरा मॉड्यूल तैयार किया है। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो चुकी हैं।
2014 से पहले के कई वीडियो का उपयोग करके, जब पीएम मोदी सत्ता में नहीं थे, कामरा जैसे 'नफरती चिंटू' ने देश में मोदी सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार और झूठ के प्रसार का ही काम किया है।
केजरीवाल के मुताबिक गंभीर ने उनका अपमान करने के बाद उन्हीं के ख़िलाफ़ मानहानि का मामला दर्ज कराया है। अब वे भी गौतम गंभीर को मानहानि का नोटिस भेजने जा रहे हैं। केजरीवाल का कहना है कि वो इस मामले को नहीं छोड़ेंगे।
गौतम गंभीर ने लिखा है, "अगर वो ये साबित कर देते हैं कि उस पर्चे से मेरा कोई लेना-देना है, तो मैं जनता के बीच अपने आप को फाँसी लगा लूँगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो अरविंद केजरीवाल को राजनीति से संन्यास लेना होगा। क्या यह चुनौती स्वीकार है?"
दिल्ली सरकार के मुखिया को ध्यान रखना चाहिए कि कागज़ी आंकड़ों की बाजीगरी करके भले आप वाहवाही लुट ले, करोड़ों लुटाकर मीडिया का ध्यान भटका दें, जिन गरीब के बच्चों को स्कूली व्यवस्था से दूर कर रहे है, उन बच्चों के साथ खिलवाड़ कर राष्ट्र-अपराध कर रहे है।
गंभीर ने केजरीवाल पर ट्वीट करते हुए लिखा, "मैं किसी महिला की इज्जत उछालने के कृत्य से घृणा करता हूँ। श्रीमान मुख्यमंत्री आप गंदे हैं और आपके दिमाग को साफ करने के लिए आपकी झाड़ू की जरूरत पड़ेगी।"
सुरेश AAP की रैलियों और सार्वजनिक बैठकों के लिए एक आयोजक के रूप में काम करता था। पुलिस ने पार्टी के रजिस्टर्ड कार्यकर्ता से भी इस बारे में पूछा। उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि वो आम आदमी पार्टी के कार्यक्रमों को आयोजित करने में मदद किया करता था।
इससे पहले 3 मई को गाँधी नगर से विधायक अनिल बाजपेयी भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इसके बाद 4 मई को पंजाब में अमरजीत सिंह संदोहा कॉन्ग्रेस में शामिल हुए हैं। अमरजीत संदोहा रूपनगर विधानसभा के विधायक हैं।
आम आदमी पार्टी के समर्थकों या फिर प्रशंसकों के लिए अब केजरीवाल के नजदीक जाना काफी मुश्किल होगा। अब वो पहले की तरह करीब जाकर ना तो हाथ मिला सकते हैं और ना ही माला पहना सकते हैं। केजरीवाल के आस-पास सुरक्षाबलों का मजबूत घेरा होगा।