मंच पर केजरीवाल, भगवंत मान, हरमोहन और शत्रुघ्न सिन्हा की मौजूदगी के बावजूद लोगों का रैली में न आना चर्चा का विषय है। खाली कुर्सियाँ देख बौखलाए केजरीवाल ने 7-8 मिनटों में ही अपना भाषण समाप्त कर दिया।
'हम AAP के लोग हरिश्चंद्र की संतान हैं, जो हमसे अलग हैं वो झूठ के पुलिंदे।' ऐसे ब्रह्म वाक्य वाले नेताओं के लिए पुलवामा हो या करगिल, राजनीति को छोड़ना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है।
केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "हमारे मन में देश को लेकर बहुत ज्यादा चिंता है, इसी वजह से हम लालायित हैं, उन्होंने (कॉन्ग्रेस) ने लगभग मना कर दिया है।"
ऐसा पहली या दूसरी दफा नहीं है कि कुमार विश्वास ने केजरीवाल को लेकर ट्वीट किया हो। इससे पहले भी कुमार ने अरविंद केजरीवाल पर तीखा तंज कसते हुए ट्वीट किए हैं।
आँकड़ों से केजरीवाल सरकार के स्वास्थ्य सेवाओं की पोल तो खुली ही है, साथ ही यह बात भी सामने आई है कि महिलाओं की मौत का सिलसिला सरकारी अस्पतालों में साल दर साल लगातार बढ़ा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने किसी व्यक्ति अथवा संस्था की ओर से आने वाली फोन कॉल से स्थानीय नागरिकों को सावधानी बरतने के साथ हेल्पलाइन नंबर 1950 पर फोन करने की सलाह दी।
अकाली दल के विधायक मनजिंदर सिरसा सहित कई लोगों ने आप पार्टी की अफ़वाह संबंधी कॉल को साझा किया और कथित तौर पर आरोप लगाया कि AAP के लोग दिल्ली की जनता को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं।
250 से ज्यादा सरकारी स्कूलों में बने 11,000 नए क्लासरूम के निर्माण कार्य का उद्घाटन करने के बाद शिक्षा-व्यवस्था पर बोलने या अभिभावकों की सुनने के बजाय केजरीवाल राजनीति पर उतर आए।