ये शराब 8 तारीख को होने वाले दिल्ली चुनाव से पहले बाँटी जानी थी। बोलेरो गाड़ी में 15 पेटियाँ अंग्रेजी शराब की भरी हुई थीं। इन पेटियों में 48 पव्वे (क्वार्टर) थे, जो 'PK' की मोहर के साथ सीलबंद पाए गए। इन 15 पेटियों के अलावा भी बड़ी मात्रा में शराब दाल मिल कंपाउंड में थी, जिसे...
तो क्या कॉन्ग्रेस पार्टी ने मान लिया है कि दिल्ली में उसका अस्तित्व खत्म है और राहुल गाँधी व प्रियंका गाँधी भी पार्टी को बचाने में कामयाब नहीं हुए? जो पार्टी 2013 तक लगातार 15 वर्षों में सत्ता में रही थी, अब वो अस्तित्व बचाने के लिए भी जूझ रही है।
पिछली बार की तुलना में भाजपा की सीटों में काफी इजाफा होता दिख रहा है। लेकिन एग्जिट पोल की माने तो वह सरकार बनाने में कामयाब नहीं रहेगी। आप को आसानी से बहुमत मिलता दिख रहा है।
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा है कि अब स्वयं भगवान श्रीराम भी भाजपा को नहीं जीता सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले मंदिरों में दलितों को प्रवेश नहीं दिया जाता था, भाजपा अभी भी उसी युग में जी रही है। उन्होंने पूछा कि केजरीवाल को अछूत भावना से क्यों देखती है भाजपा?
यहाँ पर सवाल उठता है कि केजरीवाल ने ऐसा क्यों कहा कि वोट देने से पहले पुरुषों से अवश्य चर्चा करें? क्या उनको आज की नारी पर भरोसा नहीं है? क्या वो पढ़ी-लिखी-समझदार नहीं है? क्या वो भला-बुरा देखकर समझ नहीं सकती? क्या महिलाओं में इतनी समझदारी नहीं है कि वो अपनी समझ से वोट दे सकें?
दिल्ली शिक्षा के आँकड़ों को देखेंगे तो पता चलता है कि 1032 में से सिर्फ 54 स्कूलों पर ही काम किया गया, बच्चों को जबरन फेल किया गया ताकि बोर्ड में सिर्फ बेहतर बच्चे ही बैठें! यहाँ तक कि मात्र गिने हुए 8 स्कूलों की ही तस्वीरें बार-बार सोशल मीडिया पर शेयर की गईं।
अरविन्द केजरीवाल ने अमित शाह को बहस के लिए चुनौती दी थी। अब उन्होंने दावा किया है कि केंद्रीय गृहमंत्री ने उनकी चुनौती को स्वीकार नहीं किया है। केजरीवाल ने दावा किया कि अमित शाह डर कर भाग गए हैं। यही साबित करने के लिए उन्होंने भगवद्गीता को लेकर झूठ बोला।
दिल्ली में कुछ मतदाताओं के मोबाइल पर एक बेहद भावुक करने वाला सन्देश प्राप्त हुआ है, जिसमें दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के लिए हिन्दुओं की आराध्य देवी सरस्वती माता के नाम पर वोट माँगे जा रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल पिछले करीब डेढ़ महीने से घर में बैठकर तमाशा देख रहे हैं। दिल्ली में छात्रों पर हमले हो रहे हैं, अगर बच्चे ही दिल्ली में सुरक्षित नहीं हैं, तो कौन सुरक्षित है? लेकिन अब साफ़ हो गया है कि इन हमलों के पीछे किसका हाथ है और दिल्ली में कपिल गुर्जर को कौन लेकर आया था।
इससे पहले आप नेता संजय सिंह ने कहा था कि, यह कैसे संभव है कि देश की राजधानी दिल्ली में एक अकेला व्यक्ति आसानी से गोली चला रहा है और खुलेआम हथियार लहरा रहा है?"