इसके तहत भारत सहित दुनिया भर के छात्रों को सनातन हिन्दू धर्म की पुरातन विद्या, परंपरा, युद्ध कौशल और धर्म-विज्ञान, वैदिक परंपरा में पारंगत किया जाएगा। 2 साल के इस कोर्स के लिए 40 सीटें निर्धारित हैं।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दावा किया है कि कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त हो चुके लोगों के लिए टीके की मात्र एक खुराक ही काफी है।
भारत में यह पहला मौका है जब इस कोर्स के तहत देश में सनातन परंपरा, ज्ञान मीमांसा सहित तत्व विज्ञान लेकर सैन्य विज्ञान जैसे प्राचीन हिंदू शास्त्रों को एकेडमिक स्वरूप प्रदान किया गया है।
वैदिक इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग स्टडीज नामक कोर्स की बात करें तो ये दुनिया में पहली बार होगा जब टेक्नोक्रेट वेदों में बताए गए प्रौद्योगिकी पर अध्यापन और शोध कार्य करेंगे।
गर्भ संस्कार थेरेपी के तहत गर्भवती महिला को अच्छा संगीत, बेहतर साहित्य और प्रेरणादायक चीज़ें दिखाने पर जोर दिया जाएगा। गर्भ पर पड़ने वाले इन चीज़ों के प्रभाव को वैज्ञानिक विधि से देखा और समझा जाएगा।
BHU के कुलपति राकेश भटनागर JNU के पूर्व प्रोफ़ेसर हैं। छात्रों ने आरोप लगाया है कि वीसी हिन्दी भाषी छात्रों के साथ भेदभाव कर रहे हैं। यहाँ तक कि भर्ती प्रक्रिया में वह अपने JNU के छात्रों को वरीयता दे रहे हैं। उन पर BHU का कुलपति रहते हुए अधिकांश नियुक्तियों में JNU, वामपंथ और अँग्रेजी को वरीयता देने जैसे कई गंभीर आरोप छात्रों ने पहले भी लगाए हैं।