उधर AES से हो रही मासूमों की मौतें थमने का नाम नहीं ले रही, इधर बिहार में गर्मी व लू का ऐसा प्रकोप चला है कि 161 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। दक्षिण-पूर्वी बिहार में गर्मी का प्रकोप भयंकर तरीके से बढ़ गया है और मरने वालों में अधिकार बुज़ुर्ग हैं।
आज बिहार लाचार है। बिहार के ग़रीब परिवारों के सामने उनके बच्चों की जानें जा रही हैं और सरकारें हाथ पर हाथ धरे बैठी हैं। आज बिहार के इन ग़रीबों की सुनने वाला कोई नहीं है। अस्पताल के अधिकारी भी इन्हें फटकार रहे हैं। 93 मौतों वाली भयंकर त्रासदी।
12 जून को बिहार के बेगूसराय में हुई एक अन्य घटना में, सांप्रदायिक रूप से आरोपित मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू परिवार के घर में घुसकर दो महिलाओं से छेड़छाड़ की और उस समय वहाँ मौजूद अकेले पुरुष सदस्य को मारने की कोशिश की।
राजद विधायक के होटल के सामने चल रहे उसके खोमचे पर से अंकित और उसके दोस्तों ने खाने-पीने का कुछ सामान मँगाया था। खाना विधायक-पुत्र को न पसंद आने पर विवाद हुआ जिसके बाद विधायक के बेटे और उसके दोस्तों ने बेरहमी से पीट-पीट कर बेहोश कर दिया।
पूर्व में बेटे या बेटियों द्वारा प्रताडि़त किए जाने वाले माता-पिता को न्याय के लिए जिलों के परिवार न्यायालय में अपील करने जाना होता था। वहाँ पर सुनवाई प्रधान न्यायाधीश के स्तर पर होती थी। नए नियमों के मुताबिक, अब माता-पिता जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित अपील अधिकरण में अपील करेंगे।
मुजफ्फरपुर व वैशाली के विभिन्न अस्पतालों में इस बीमारी से एक दिन के भीतर 25 बच्चों के मरने की ख़बर के बाद क्षेत्र में हाहाकार मच गया है। पिछले एक सप्ताह में 56 बच्चों की मौत हुई है। 2012 में इस बीमारी से 120 बच्चों की मौत हो गई थी।
पीड़ित परिवार को लगातार केस वापस लेने की धमकी मिल रही है। मीना (बदला हुआ नाम) की माँ ममता सिंह ने बताया कि उनके परिवार पर केस दर्ज न करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। फ़िलहाल, गाँव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप केस में एक अज्ञात "तोंद वाले अंकल नेताजी" और एक "मूछ वाले अंकल जी" की भूमिका सामने आई है। पीड़ित बच्चियों ने इन दोनों ही अज्ञात 'अंकलों' पर उनका यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। CBI ने जाँच के लिए 6 महीने का समय माँगा था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 3 महीने का अल्टीमेटम दिया है।
कुल 8 नए मंत्री बनाए गए, जिनमें लोजपा के पशुपति कुमार पारस के सांसद बन जाने के बाद खाली हुई जगह भी शामिल है, लेकिन भाजपा के अलावा लोजपा के भी किसी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया।
सोमवार (मई 27, 2019) को मीडिया से बात करते हुए महेश्वर यादव ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि राजद परिवारवाद के चक्कर में उलझी हुई है। इसी वजह से पार्टी की इतनी दुर्गति हुई।