अब यदि विपक्ष के द्वारा संवैधानिक अवहेलना एवं संस्थागत अवमानना पर विचार किया जाए, तो कई सारे उदाहरण और मिल जाएँगे। और यदि उनके इतिहास के बारे में सोचा जाए, तो ऐसे उदाहरणों की कोई कमी नहीं होगी। एक भारतीय के रूप में हमें इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि संविधान व संस्थाएँ, दोनो ही मोदी सरकार मैं पूर्ण रूप से संरक्षित हैं।
ट्वीटर यूजर द्वारा किया गया ये दावा पूरी तरह से निराधार और बेबुनियाद है। सच्चाई तो ये है कि इस वीडियो या फिर इस मुद्दे को किसी मेनस्ट्रीम मीडिया ने इसलिए कवर नहीं किया, क्योंकि आज सूरत में भाजपा समर्थकों द्वारा कोई बाइक रैली नहीं की गई थी।
रवींद्र जडेजा का पूरा परिवार हाल ही में सक्रिय राजनीति में आया है। उनकी पत्नी रिवाबा जडेजा ने 3 मार्च को बीजेपी का दामन थामा था। जडेजा के पिता और बहन 14 अप्रैल को कॉन्ग्रेस में शामिल हो गए। जिसके बाद अब जडेजा ने ट्वीट कर भाजपा का समर्थन किया है।
मुख्यधारा की मीडिया ने हमेशा की तरह मौन व्रत ले रखा है। किसी-किसी मामले में बोलना पड़ भी रहा है तो एक-एक शब्द इतनी कंजूसी से निकल रहा है कि मानों शोक जताने पर भी आचार संहिता लगी हुई है। न अब कहीं असहिष्णुता फ़ैल रही है, न ही प्राइम-टाइम डिबेट चल रहा है।
आजम खान के द्वारा किए गए महिला विरोधी बयान की वजह से महागठबंधन को किसी तरह का कोई राजनीतिक नुकसान ना हो, इसलिए आरफा खानम शेरवानी आजम खान के समर्थन में आ गई। उन्होंने दावा किया कि आजम खान ने जो बयान दिया था, वो जया प्रदा के लिए नहीं, बल्कि पूर्व सपा नेता अमर सिंह के खिलाफ था।
बृजेंद्र सिंह केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे हैं। लेकिन बेटे को टिकट मिलने से चौधरी बीरेंद्र सिंह नाराज हो गए हैं। इतना ही नहीं उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से राज्यसभा और मंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश तक कर डाली है।
चिठ्ठी के मुताबिक, मुरली मनोहर जोशी ने सड़क किनारे पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बड़े-बड़े पोस्टरों का जिक्र करते हुए लिखा कि जिन सिद्धातों को लेकर उत्साह के साथ पार्टी बनाई गई थी, आज घर के लोगों ने ही अपमानित करके हमें बाहर कर दिया।
यह बिलबिलाहट जनाधार खो चुकी लुटेरी पार्टियों और चाटुकार पक्षकारों का सामूहिक रुदन है। जब तक यह सर्वजन के हित की बात नहीं करेंगे। तब तक इनका भला नहीं होने वाला अब जनता जाग चुकी है, धोखे से न नेता को वोट मिलने वाला है और न ही पक्षकारों को रीडर या दर्शक।
कर्नाटक सीएम एचडी कुमारस्वामी ने सेना के ऊपर विवादित बयान देते हुए कहा है कि बॉर्डर पर खड़े रह कर देश की रक्षा करने वाले जवान अमीर घरानों से नहीं आते हैं। वे उन गरीब परिवारों से आते हैं, जिनके लिए दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल होता है।