पी चिदंबरम ने भी एक तरह से सिन्हा से किनारा करते हुए कहा, “उनके (सिन्हा) जो भी विचार हैं, उसका स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए। कुछ दिन पहले वह भाजपा का हिस्सा थे। भाजपा को बताना चाहिए कि वह इतने साल तक पार्टी का हिस्सा क्यों थे।
कॉन्ग्रेस का हिन्दू आस्था और उनके प्रतीकों के अपमान के प्रति आक्रोश महज एक दिखावा है। उनका मंदिर-मंदिर दौड़ लगाना भी केवल वोट बैंक को आकर्षित करने की कोशिश है जबकि बार-बार उनके व्यवहार से उनका हर झूठ बाहर आता रहता है। यह घटना नई नहीं है ऐसा पहले भी हो चुका है। एक गौहत्या करने वाले के साथ की उनकी तस्वीरें उनके चरित्र के दोहरेपन को उजागर करती हैं।
जयपुर में सैम पित्रोदा के बुद्धिजीवी संवाद कार्यक्रम से पहले तैयारियाँ की जा रही थीं। उसी दौरान वहाँ एक मजदूर के पीएम नरेन्द्र मोदी के नाम की टी-शर्ट पहनकर कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी का बैनर लगाते देख, वहाँ के नेताओं के लिए असमंजस की स्थिति बन गई।
कॉन्ग्रेस नेता राधाकृष्णा विखे पाटिल ने विधानसभा के नेता विपक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने बताया कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने उनके इस्तीफे को मंजूर कर लिया है
"हम एक समय में कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन का सपना भी नहीं देख सकते थे। लेकिन देश में मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, हमने एक तरह के टाई-अप के लिए कॉन्ग्रेस से संपर्क किया। हमने कॉन्ग्रेस को समझाया कि मोदी-शाह को हराना क्यों महत्वपूर्ण है।"
इससे पहले वो पीएम मोदी पर भी निशाना साध चुके हैं। उन्होंने कहा था, “मैं ऐलान करता हूँ कि मोदी से मेरी लड़ाई में जो मेरे सामने आएगा और मुझे रोकने की कोशिश करेगा वो गठबंधन का नाम ले या हाथी का नाम ले, मैं उसको वार करके चूर-चूर कर दूँगा।”
सोशल मीडिया पर लगातार फेक न्यूज़ चलाए जा रहे हैं कि इसमें बौद्धों का हाथ है। जबकि श्री लंका की सरकार इस मामले के पीछे नेशनल तौहीद जमात का हाथ देख रही है और खूँखार इस्लामिक आतंकी संगठन ISIS द्वारा इस हमले की ज़िम्मेदारी भी ले ली गई है।
ऐसे राजनेताओं के लिए महिलाएँ आज भी ‘माल’ हैं। ऐसी गिरी मानसिकता पर जनता ने तो अपना आक्रोश व्यक्त किया ही। अब देखना है आगे चुनाव आयोग इस मुद्दे पर क्या निर्णय लेता है। वैसे लोगों ने चुनाव आयोग से इस बात का संज्ञान लेने की अपील की है।
जब एक काले कुत्ते को सीढियाँ चढ़ते वक़्त दिख गया कॉन्ग्रेस का झंडा... और फिर उसने जो किया, वो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया... लोग इसे जम कर शेयर कर रहे हैं। आप भी मज़े लीजिए इस वीडियो का।
भाजपा ने अब तक 437 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है, जबकि कॉन्ग्रेस ने 423 सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की है। उत्तर-पूर्व की सभी राज्यों से कॉन्ग्रेस को सत्ता से बेदखल करने में भी भाजपा सफल हुई है।