छात्रा स्थानीय स्कूल में कक्षा 9वीं में पढ़ती है। शुक्रवार (13 दिसंबर 2024) को स्कूल की छुट्टी के बाद वह घर लौट रही थी, जब महबूब ने उसे रास्ते में रोक लिया।
जामा मस्जिद में भी बिन कड़ी सुरक्षा चेकिंग के किसी को भी भीतर नहीं जाने दिया जा रहा। लगातार मौलानाओं से कहकर शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील हो रही है।
शहवाज ने दोनों बहनों से इंस्टाग्राम पर दोस्ती की और धीरे-धीरे उनकी भावनाओं के साथ खेला। वह कभी मोबाइल खराब होने का बहाना बनाता तो कभी अन्य कारण से पैसे माँगता।
मोख्तार अंसारी के भाई का अफेयर नाबालिग हिंदू लड़की से था और इसी कारण वो घर में पैसे नहीं भेजता था। बस मोख्तार ने गुस्से में आकर पूरे परिवार का कत्ल कर दिया।