हमलों के पीछे का मकसद अज्ञात है लेकिन वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ऐसा मान रही है कि सारे हमले एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि आतंकवाद-रोधी पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर वह मानसिक रूप से बीमार हो गए थे। जाँच के आधार पर पुलिस का दावा है कि सुसाइड नोट को सेवादारों ने षड्यंत्र के तहत आत्महत्या करने से पहले लिखवाया था।
गिरफ़्तार युवकों के नाम दानिश, माज उमामा, फरीद और सबूर हैं। पुलिस ने वो मोबाइल भी बरामद कर लिया है, जिससे घटना के वक्त वीडियो बनाया गया था। उमामा के पास से तमंचा व हथियार भी बरामद हुआ है।
ड्रिंक्स पीने के बाद पांडे जैसे ही बेहोश हुए, अंकिता और सतीश ने गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। दोनों ने सम्पादक की लाश को भिवंडी के एक सुनसान इलाक़े में फेंक कर दोनों फरार हो गए।
भाई मौक़े पर तो वहाँ मौजूद नहीं था लेकिन उन्होंने ट्विटर के माध्यम से इस घटना की जानकारी रेल मंत्री पीयूष गोयल, इंडियन रेलवे और एसपी जीआरपी को टैग करते हुए दे दी। भाई द्वारा की गई मदद की ये गुहार फौरी तौर पर रंग लाई और...
इस निर्मम हत्या के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए सुदहा सड़क से गुजर रही एक महिला का फोन लेकर मृतक के दूसरे चाचा से 2 लाख रुपए की फिरौती की मांग की थी।