दिल्ली में करीब 12 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं। कई सीटों पर उनका प्रभाव है। एक तबका भाजपा को वोट देता रहा है। लेकिन, दिल्ली के इमाम चाहते हैं कि इस बार मुस्लिम अपनी पसंद के हिसाब से वोट न करें। इसके लिए वे कोशिश कर रहे हैं।
“मैं गाँव का रहने वाला हूँ। मैं जब मदद करता हूँ तो मर्दानगी से करता हूँ। मैंने तो शाहीन बाग वालों की भी मदद कर रखी है। शाहीन बाग बाले मुझे रोज फोन करते हैं।”
संकल्प-पत्र में 10 नए कॉलेज और 200 नए स्कूल खोलने का वादा भी किया गया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की पहली 2 लड़कियों को 21 साल की उम्र पूरी होने पर 2 लाख रुपए मिलेंगे।
"शिक्षा क्रांति के बाद केजरीवाल सरकार के स्वास्थ्य क्रांति की पोल भी खुली। स्वार्थी राजनीति के लिए दिल्ली के गरीब को मोदी जी की ‘आयुष्मान योजना’ से दूर रख उसके जीवन से खेलने का जो पाप किया है, उसका जवाब आप को देना होगा।"
अमानतुल्लाह पर दिल्ली वक्फ बोर्ड के फंड के दुरुपयोग करने और भर्तियों अनियमितता के आरोप हैं। AAP विधायक अमानतुल्लाह दिल्ली वक्फ बोर्ड के चेयरमैन हैं और दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव में ओखला विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी हैं।
आम आदमी पार्टी के नारे 'अच्छे बीते 5 साल, लगे रहो केजरीवाल' को अलका लाम्बा ने मजाक करार दिया। लाम्बा ने कहा कि बीते 5 साल लड़ाई-झगडे और कोर्ट-कचहरी में नज़र आने वाले केजरीवाल को अब बस भी करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार तो जामा मस्जिद के पास भूमाफियाओं से ज़मीन भी खाली नहीं करा पाई।
“अरविंद केजरीवाल जी आपने मुझे दिल्ली सरकार द्वारा संचालित स्कूल देखने के लिए बुलाया था। कल दिल्ली भाजपा के आठों सांसद अलग-अलग स्कूल में गए और देखिए इनका क्या हाल है...इनकी बदहाली ने आपकी ‘शिक्षा की क्रांति’ के दावों की पोल खोल दी। अब आपको दिल्ली की जनता को जवाब देना होगा।”
कॉन्ग्रेस चालाक निकली। उसने दिग्विजय और मणिशंकर जैसे नाकारा नेताओं को वहाँ भेज इतिश्री कर ली। 'सरजी' राजनीतिक फसल काटने के लिए लालच में आ गए। अमानतुल्लाह-सिसोदिया ने काम बिगाड़ दिया। अब शाहीनबाग़ वो कुल्हाड़ी बन गया है, जिसे दिल्ली के मुखिया ने अपने पाँव पर ही दे मारा।