"कोरोना से लड़ने के लिए इन दोनों ताकतों (इमान और युवा) का इस्तेमाल करना है। अब युवा ही कमियों को पूरा करेंगे। इसके लिए युवाओं की टाइगर फोर्स की घोषणा करता हूँ।"
इमरान ख़ान ने ये कह कर अपने ही देशवासियों को सकते में डाल दिया है कि अगर ज्यादा लोग कोरोना का शिकार हुए तो देश की स्वास्थ्य व चिकित्सा व्यवस्था धड़ाम हो जाएगी। इमरान ने कहा कि जो वृद्ध लोग हैं, सिर्फ उन्हें ही तुरंत मेडिकल अटेंशन देने की ज़रूरत है।
वे सार्वजनिक तौर पर कम दिखती हैं। उनकी शख्सियत रहस्यमय है। दावा किया जाता है कि वे आइने में नजर नहीं आतीं और जिन्न पाल रखे हैं। अब उनकी कथित बेदअबी का खामियाजा अधिकारियों को भुगतना पड़ा है।
हम लोग ये सोचते थे कि सुरक्षा को देखते हुए कॉरिडोर को खोलना बड़ी चुनौती होगी। लेकिन बाद में सिख समुदाय के लोगों की माँग पर इसे खोल दिया, सुरक्षा चिंताओं को हमने ठंढ़े बस्ते में डाल दिया। सुरक्षा को लेकर ये बड़ी चिंता की बात है।
26 नवंबर 2008 को भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में लश्कर के 10 आतंकियों ने हमला किया था, जिसमें 166 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और 300 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस घटना के बाद अमेरिका ने हाफिज को ब्लैक लिस्ट तो किया ही साथ ही उस पर इनाम भी घोषित किया था।
".....लगा कि मुझे तो कोई प्रॉब्लम ही नहीं है, दुनिया बदल गई। यहाँ तक कि वहाँ मौजूद सभी नर्सों में मुझे हूरें नजर आने लगी। मैंने डॉक्टर को दोबारा वही टीका लगाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने मुझे दूसरा पेनकिलर नहीं दिया। यहाँ के डॉक्टर वाकई तारीफ के काबिल हैं।”
पाकिस्तान की रिपोर्टर नायला इनायत ने पाकिस्तान की जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री जरताज गुल का एक वीडियो ट्विटर पर शेयर किया है। इस वीडियो में ज़रताज गुल पकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की खूबसूरती और उनकी 'किलर स्माइल' का जिक्र करती हुई देखी जा रही हैं।
रवीश ने कही, इमरान ने सुनी। रवीश की सलाह इमरान ने मानी। अब इमरान ख़ान न अख़बार पढ़ेंगे और न ही टीवी देखेंगे। उन्होंने न्यूज़ शो देखना बंद कर दिया है। रवीश लगातार अपने 'प्राइम टाइम' में कहते हैं कि टीवी न देखें और अख़बार न पढ़ें। उन्हीं अख़बारों की ख़बर वो शेयर भी करते हैं।