Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयकोरोना है फिर भी घर में रहो, ठीक हो जाओगे, हॉस्पिटलों में लाइन मत...

कोरोना है फिर भी घर में रहो, ठीक हो जाओगे, हॉस्पिटलों में लाइन मत लगाओ: इमरान का अपने देशवासियों को सन्देश

पाकिस्तान बाकी देशों की तरह पूरी तरह लॉकडाउन में नहीं जा सकता क्योंकि इससे उसकी अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी। पाकिस्तान में अब तक कोरोना वायरस के 245 मामले सामने आ चुके हैं। सिंध प्रांत में इसका कुछ ज्यादा ही प्रकोप है, जहाँ इसके 172 मामले सामने आ चुके हैं।

कोरोना वायरस से पूरी दुनिया तबाह है और जिसे भी जरा सा भी इसके लक्षण दिख रहे हैं, उसे तुरंत अस्पताल में चेकअप कराने की सलाह दी गई है। लेकिन, पाकिस्तान में इसका उलटा हो रहा है। वहाँ के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का कहना है कि जिसे भी कोरोना वायरस हो, वो अपने घर में ही रहे और बाहर न निकले। लोगों का पूछना है कि अगर ऐसा तो फिर मरीज अपना इलाज कैसे कराएँगे? इमरान ख़ान ने अपने लोगों को न घबराने की सलाह दी है और चेताया है कि कोरोना वायरस के प्रसार को रोकना असंभव है।

लेकिन, साथ ही इमरान ने ये भी कहा है कि पाकिस्तान बाकी देशों की तरह पूरी तरह लॉकडाउन में नहीं जा सकता क्योंकि इससे उसकी अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी। पाकिस्तान में अब तक कोरोना वायरस के 245 मामले सामने आ चुके हैं। सिंध प्रांत में इसका कुछ ज्यादा ही प्रकोप है, जहाँ इसके 172 मामले सामने आ चुके हैं। इन सबके बीच इमरान का कहना है कि पाकिस्तान के बड़े शहर लॉकडाउन की स्थिति में नहीं जा सकते।

इमरान ख़ान ने ये कह कर अपने ही देशवासियों को सकते में डाल दिया है कि अगर ज्यादा लोग कोरोना का शिकार हुए तो देश की स्वास्थ्य व चिकित्सा व्यवस्था धड़ाम हो जाएगी। इमरान ने कहा कि जो वृद्ध लोग हैं, सिर्फ उन्हें ही तुरंत मेडिकल अटेंशन देने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि जो भी कोरोना वायरस के शिकार हुए हैं, उनमें से 97% पूरी तरह ठीक हो जाएँगे और 90% लोगों को नार्मल फ्लू की तरह ही बीमारी होगी, जिन्हें डरने की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी चीजें बंद हो गई तो लोग भूखे मरेंगे।

उन्होंने पाकिस्तान को सम्बोधित करते हुए कहा कि अगर 4-5% मरीज भी बाहर निकले तो हज़ारों संक्रमित होकर बीमार पड़ जाएँगे। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वो दौड़ कर मेडिकल टेस्ट कराने हॉस्पिटल न जाएँ। अमेरिका का उदाहरण देते हुए ख़ान ने दावा किया कि किसी भी देश के पास इतने संसाधन नहीं हैं कि सर्दी-जुकाम के शिकार सभी लोगों का मेडिकल टेस्ट कराया जा सके। अपने ही पीएम की ऐसी सलाह से पाकिस्तानी हैरान हैं

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जहाँ पहले होते थे दंगे-हत्या, उस UP में कानून-व्यवस्था की बेहतर हुई तस्वीर: NCRB 2024 के आँकड़ों में दिखा बंगाल-तमिलनाडु-केरल-पंजाब से बेहतर माहौल

उत्तर प्रदेश की खासियत यह है कि इतनी अधिक जनसंख्या, अलग-अलग सामाजिक-आर्थिक स्थितियों और बड़े प्रशासनिक ढाँचे के बावजूद वहाँ अपराध दर नियंत्रण में रही।

100 हत्याएँ, 28 रेप, 95 मंदिरों में तोड़फोड़ और ईशनिंदा… बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर नहीं थम रहा जुल्म: 2026 के शुरुआती 4 महीनों...

HRCBM की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 2026 के शुरुआती 4 महीनों के भीतर अल्पसंख्यकों के खिलाफ प्रताड़ना और हिंसा की 505 दर्दनाक घटनाएँ दर्ज हुई।
- विज्ञापन -