शुरुआती जाँच में खुलासा हुआ है कि 200 रुपए देकर एक महिला ने बिलावर से बस के ड्राइवर को विस्फोटक का पैकेट दिया था और कहा था कि इसे बस स्टैंड पर एक व्यक्ति के हवाले करना है।
कश्मीर से जुड़े मामले संविधान पीठ को भेजने के संदर्भ में CJI ने कहा कि अभी हमारे पास बाकी मामले सुनने का समय नहीं है क्योंकि अभी अयोध्या मामले पर सुनवाई चल रही है, जोकि अंतिम चरण में है।
NIA की इंटेरोगेशन रिपोर्ट में यह भी पता चला है कि सैयद अली शाह गिलानी, यासीन मलिक, उमर फारूक के रिकमेंडेशन लेटर के जरिए पाकिस्तान लीगल वीजा देकर कश्मीर के युवाओं को पाक में आतंक की ट्रेनिंग देता था। अब राष्ट्रीय आतंक विरोधी कानून (UAPA) के तहत इन नेताओं के खिलाफ NIA चार्जशीट दाखिल करेगी। इसके लिए NIA ने 214 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है।
CJI रंजन गोगोई ने पीठ का नेतृत्व करते हुए कहा कि 16 सितंबर को जम्मू कश्मीर पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत अब्दुल्ला के खिलाफ हिरासत का आदेश जारी होने के बाद इस याचिका पर विचार करने लायक कुछ भी नहीं बचा है।
इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में कश्मीर मुद्दा उठाया था और माँग की थी कि भारत कश्मीर से "अमानवीय कर्फ्यू" हटाए तथा सभी "राजनीतिक कैदियों" को रिहा करे। हालाँकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इमरान खान के कश्मीर मुद्दे पर की गई बात को गंभीरता से नहीं लिया।
पाकिस्तान और तुर्की के साथ मलेशिया इस्लामी टीवी चैनल शुरू करने वाला है। ऐसे में पाकिस्तानी सुर में उसका कश्मीर राग अलापना चौंकाता नहीं है। नाइक के प्रत्यर्पण से बचते रहे मलेशिया ने जम्मू-कश्मीर पर क़ब्ज़ा करने का आरोप लगाया है।
प्रतिमा विहिप के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी स्थापित किया जाएगा। इस आयोजन की बड़े पैमाने पर तैयारी की गई है। प्राण प्रतिष्ठा से पहले दुर्गा वाहिनी चार किलोमीटर की शोभा यात्रा निकालेगी। बजरंग दल के कार्यकर्ता मोटरसाइकिल रैली निकालेंगे।
"आज आप छात्रों के रूप में यहाँ हैं, हो सकता है कि कल आप उत्तर प्रदेश में प्रशासन का हिस्सा होंगे। हम एक लोकतांत्रिक समाज में रहते हैं। संचार महत्वपूर्ण है। हमारे जीवन में समृद्धि तभी आती है जब हम विकसित होते हैं।"
सिंगर और ऐक्ट्रेस रबी पीरज़ादा ने वीडियो के माध्यम से कहा था कि उनके दोस्त (साँप और मगरमच्छ) सीमा पार कर के भारत के लोगों को मारने के लिए तैयार हैं। इतना ही नहीं, वो ये भी कहती दिखी थी कि भारत के लोग नरक में जाकर मरेंगे।
The Hindu ने भारतीय सेना के बारे में बड़े ही स्पष्ट और सीधे शब्दों में लिखा है, मगर प्रदर्शनकारियों के बारे में लिखते हुए इसी अखबार के शब्द खत्म हो गए! या फिर यूँ कहें कि ये भी प्रोपेगेंडा फैलाने वाले गिरोह का हिस्सा बनकर अराजत तत्वों का तुष्टिकरण करना चाहते हैं।