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पेंगोंग त्सो लेक में भारत और चीन के बीच कब क्या कैसे: 5 मई से अब तक 13 बड़ी घटनाओं का लेखा-जोखा

चीन ने पेंगोंग त्सो लेक के आसपास की स्थिति को टकराव का विषय मानना ही बंद कर दिया था। भारत ने चीन को यह स्पष्ट कर दिया है कि वह...

‘पुलवामा बम’ के लिए जिसने खरीदा था 4 kg पाउडर, उसे NEET देकर बनना है डॉक्टर, इंडिया टुडे ने बताया ‘होनहार छात्र’

"आतंकी ने सेंटर श्रीनगर चुना है। जहाँ उसे अन्य बच्चों के साथ परीक्षा देनी होगी। वह भागने की कोशिश कर सकता है। यह जोखिम नहीं लिया जा सकता।"

रवीश ने खोली अपने ही NDTV की पोल: सुशांत मामले में दूसरों को घेर रहे थे, खुद के चैनल पर 162 वीडियो

इतना ही नहीं... NEET, JEE, SSC, Railway पर चर्चा करते हुए रवीश कुमार बीच में राहुल गाँधी के वीडियो का प्रमोशन करते भी नजर आए और...

7-8 बख्तरबंद गाड़ियों के साथ आ रहे थे चीनी सैनिक, बीच रास्ते में खड़ी हो गई भारतीय सेना: तीसरी घुसपैठ ऐसे हुई नाकाम

चीनी सेना 7-8 बख्तरबंद गाड़ियों के साथ भारत की ओर आगे बढ़ी थी। लेकिन भारतीय सेना ने उनकी गतिविधि को भाँपते हुए रास्ते में...

फैक्ट चेक: वाराणसी में लॉकडाउन के कारण भूखे 350 नाविक परिवारों और सोनू सूद की मदद की असलियत

आदिनाथ, दीपू साहनी, शोभनाथ साहनी, संतोष, विनोद, पप्पू, लल्लू साहनी जैसे कई और निषाद समाज के लोगों से भी ऑपइंडिया ने बात की, सबने मीडिया में चल रहे 18 दिन से 350 परिवारों के भूखे रहने वाली मनगढंत थ्योरी को नकारा है।

देश हित से समझौता नहीं, लुटियंस मीडिया का मिट गया है वजूद: OpIndia के साथ अर्नब गोस्वामी का Exclusive इंटरव्यू

"पत्रकारिता में एक व्यक्ति भी निष्पक्ष नहीं है लेकिन मेरे पास यह कहने की हिम्मत है कि मैं न्यूट्रल (निष्पक्ष) नहीं हूँ।" - निष्पक्षता पर अर्नब

‘सेक्स लाइफ, जाति, धर्म… सब पूछा जाएगा हेल्थ कार्ड के लिए’ – Scroll फैला रहा था झूठ, NHA ने खुद किया पर्दाफाश

हेल्थ आईडी के लिए रजिस्टर करने हेतु केवल नाम, जन्म का साल, राज्य और जिला ही जरूरी है। NHA ने इस रिपोर्ट को गलत व्याख्या करने वाला और...

‘1962 से भी ज्यादा घातक हमला झेलेगी भारतीय सेना’ – चीनी मीडिया ने संपादकीय में दी गीदड़-भभकी

"यदि भारत शांति से रहना चाहता है तो चीन स्वागत करता है। यदि भारत प्रतिस्पर्धा चाहता है, तो चीन के पास भारत की तुलना में अधिक..."

…जब RSS के मंच से प्रणब मुखर्जी ने भरी थी ‘राष्ट्रवाद’ की हुँकार

RSS मुख्यालय में प्रणब मुखर्जी ने देश के प्राचीन इतिहास से लेकर उसकी संस्कृति तक जो कुछ कहा था, वह बीते कल में भी प्रासंगिक था और आने वाले कल में भी प्रासंगिक रहेगा।

प्रशांत भूषण के नहले पर सुप्रीम कोर्ट का दहला: कथित गाँधीवादी घेराबंदी बनाम ₹1 की इज्ज़त

यह फैसला देकर जजों ने अपनी सूझबूझ का परिचय तो दिया ही है, साथ ही किसी भी लोकतंत्र में नकारात्मक प्रेशर-ग्रुप्स को भी एक शानदार मैसेज दिया है कि वे कोर्ट को कोई हलवा न समझें।

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