2017 में हिंदू घर के ऊपर खून, 2018 में मस्जिद का लफड़ा, 2020 में हिंदू विरोधी दंगा, 2023 में कटा हुआ जानवर, 2025 में फिर से मस्जिद विवाद… यूँ नहीं लगाता कोई 'मकान बिकाऊ' का पोस्टर
गौतम का कहना है, “2020 में जो हुआ, वो हम भूल नहीं सकते। अगर मस्जिद दो गुनी बड़ी हो गई तो सोचो, कितने लोग यहाँ जमा होंगे। ये हमारे लिए खतरे की घंटी है।”
13 जुलाई 1931 की जिस घटना को 'इस्लामी विद्रोह' बताया जाता है, असल में वह हिंदुओं के विरुद्ध मजहबी घृणा से उपजी थी। अब जिहादियों को 'शहीद' बता छुट्टी की माँग हो रही है।
सीएम योगी ने बताया कि महाकुंभ के दौरान होटल उद्योग में ₹40 हजार करोड़, खाने-पीने और FMCG में ₹33 हजार करोड़, परिवहन क्षेत्र में ₹1.5 लाख करोड़ का फायदा हुआ है।