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तंग कोठरी, पेशाबघर के नाम पर छेद और वो चीखें जो वाजपेयी ने सुनी थी: प्रताड़ना ऐसी की रूह काँप जाए

नाम था, स्नेहलता रेड्डी। कन्नड़ अभिनेत्री। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता। लेकिन उसे घोर यातनाएँ दी गई क्योंकि उसने इंदिरा के सामने घुटने टेकने से इनकार कर दिया था।

केजरीवाल की सरकार, महामारी में भी नहीं आई बाज: ऑक्सीजन ऑडिट रिपोर्ट से वेंटिलेटर पर AAP 

मुख्यधारा की मीडिया केजरीवाल सरकार से सवाल नहीं पूछती। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि अब अदालत क्या रूख अख्तियार करती है।

ऑपइंडिया इम्पैक्ट: स्कूल में हिंदू बच्चों से नमाज पर एक्शन में NCPCR, फतेहपुर के DM-SP से रिपोर्ट तलब

ऑपइंडिया ने इस स्कूल में अंग्रेजी की टीचर रहीं कल्पना सिंह के हवाले से पूरे प्रकरण को उजागर किया था।

‘कुरान को UP पुलिस ने नाले में फेंका’ – TheWire ने चलाई फर्जी खबर, बाराबंकी मस्जिद विध्वंस मामले में FIR दर्ज

UP पुलिस ने बाराबंकी अवैध मस्जिद के संबंध में एक वीडियो डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से गलत सूचना का प्रचार करने को लेकर द वायर के खिलाफ...

दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन जरूरत को 4 गुना बढ़ा कर दिखाया… 12 राज्यों में इसके कारण संकट: सुप्रीम कोर्ट पैनल

सुप्रीम कोर्ट की ऑक्सीजन ऑडिट टीम ने दिल्ली के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता को चार गुना से अधिक बढ़ाने के लिए केजरीवाल सरकार को...

‘अपनी मर्जी से मंतोष सहनी के साथ गई, कोई जबरदस्ती नहीं’ – फजीलत खातून ने मधुबनी अपहरण मामले पर लगाया विराम

मधुबनी जिले के बिस्फी की फजीलत खातून के कथित अपहरण मामले में नया मोड़। फजीलत खातून ने खुद ही सामने आकर बताया कि वो मंतोष सहनी के साथ...

फतेहपुर के अंग्रेजी मीडियम स्कूल में हिंदू बच्चे पढ़ते थे नमाज: महिला टीचर ने खोली मौलाना उमर गौतम के धर्मांतरण गैंग की पोल

फतेहपुर के नूरुल हुदा इंग्लिश मीडियम स्कूल में मौलाना उमर के गिरोह की सक्रियता का खुलासा वहाँ की ही एक महिला टीचर ने किया है।

जम्मू-कश्मीर: PM मोदी का ग्रासरूट डेमोक्रेसी पर जोर, जानिए राज्य का दर्जा और विधानसभा चुनाव कब

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह 'दिल्ली की दूरी' और 'दिल की दूरी' को मिटाना चाहते हैं। परिसीमन के बाद विधानसभा चुनाव उनकी प्राथमिकता में है।

₹60000 करोड़, सबसे सस्ता स्मार्टफोन, 109 शहरों में वैक्सीनेशन सेंटर: नीता अंबानी ने बताया कोरोना काल का ‘धर्म’

रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM में कई बड़ी घोषणाएँ की गई। कोविड संकट से देश को उबारने के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई गई।

मोदी ने भगा दिया वाला प्रोपेगेंडा और माल्या-चोकसी-नीरव पर कसता शिकंजा: भारत में आर्थिक पारदर्शिता का भविष्य

हमारा राजनीतिक विमर्श शोर प्रधान है। लिहाजा कई महत्वपूर्ण प्रश्न दब गए। जब इन आर्थिक भगोड़ों पर कड़ाई का नतीजा दिखने लगा है, इन पर बात होनी चाहिए।

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