जज कौशिक चंदा ने कहा कि वो व्यक्तिगत रूप से इस मामले में आगे की सुनवाई करने का कोई इरादा नहीं रखते, क्योंकि वो नहीं चाहते कि कोई न्यायपालिका को बदनाम करे।
राज्यपाल के अभिभाषण से दोपहर 2 बजे इसकी शुरुआत होगी, लेकिन गवर्नर ने पहले ही साफ कर दिया है कि वो ममता सरकार की लिखी सभी चीजों को सदन में नहीं बोलेंगे।
बंगाल से जुड़े मामलों की सुनवाई से बंगाल से आने वाले जज खुद को एक-एक कर अलग कर रहे हैं। पहले इंदिरा बनर्जी ने खुद को बंगाल चुनाव बाद हिंसा वाले मामले से और अब नारदा स्टिंग केस से अनिरुद्ध बोस।