“मैं एक बात साफ बता देना चाहता हूँ कि ये दबंगई नहीं चलने दूँगा। मैं सिसक-सिसक कर लड़कियों को मरने नहीं दूँगा। जो भी कड़ी से कड़ी सजा हो सकती होगी, वो दी जाएगी।"
सियासत में कूदने से पहले ही प्रभुनाथ का आस्तीन दाग़दार हो चुका था। 1980 में मशरक के विधायक रामदेव सिंह की हत्या हुई थी और आरोप लगा था प्रभुनाथ सिंह पर।