"जो मोदी-शाह के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएगा वो सही मायने में मर्द-ए-मुजाहिद कह लाएगा। मैं वतन में रहूँगा, पर कागज नहीं दिखाऊँगा। कागज अग़र दिखाने की बात होगी, तो सीना दिखाएँगे कि मार गोली। मार दिल पे गोली मार, क्योंकि..."
उसने कहा कि सरकार ने एनआरसी न लाने की बात कही है, इसे लोगों को अपनी जीत समझना चाहिए। दारुल उलूम देवबंद के ठंडे पड़े तेवर को शाहीन बाग़ प्रदर्शन पर लगे कई आरोपों से जोड़ कर देखा जा रहा है। क्या विदेशी फंडिंग की पोल खुलने से दारुल उलूम डर गया है?
"अब ये प्रोटेस्ट CAA-NRC के विरूद्ध नहीं है। ये एक मौका है BJP और RSS के नेताओं को ये दिखा देने का कि मुस्लिम कितना संगठित है। अब वो दिन दूर नहीं जब सब जगह हमारे लोग होंगे या हम जिसे चाहेंगे, जो हमारे लिए काम करेगा, उसी की सरकार बनेगी, हम सरकार बनाएँगे भी और गिराएँगे भी।"
जेन ने लिखा है कि पुलिस भी बच्चे को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने में नाकाम रही, जबकि यह उसके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक था। पत्र के जरिए जेन ने पुलिस से बच्चे की मौत के कारणों की जाँच करने की माँग की है।
बचाव में पुलिस ने लाठीचार्ज कर महिलाओं को खदेड़ना शुरू कर दिया और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे। इसके बाद ही स्थिति को कंट्रोल में किया जा सका।
कपिल गुर्जर और उसके पिता गजे सिंह चौहान को AAP से संबंधित बताने वाली ट्वीट को नेता कुलदीप कुमार ने डिलीट कर दिया है, लेकिन आम आदमी पार्टी खुद अपनी वेबसाइट से इन दोनों के पार्टी से जुड़े होने की पुष्टि करता आर्टिकल हटाने से चूक गई। यदि AAP इस आर्टिकल को हटा लेती है, तो...
मुंबई पुलिस ने आरोपित उर्वशी चूड़ावला की माँ को बुलाकर पूछताछ की। उर्वशी की माँ ने अपनी बेटी की गलती स्वीकारते हुए कहा कि उनकी बेटी को बहकाया गया है। उर्वशी पर मुंबई के आजाद मैदान में "शरजील तेरे सपनों को हम मंजिल तक पहुँचाएंगे" जैसे नारे लगाने का आरोप है।
"मैं अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रही हूँ, मेरा बच्चा भी अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ना चाहता था लेकिन वह पहले ही देश के लिए कुर्बान हो गया। जरूरत पड़ी तो अपने अन्य दोनों बच्चों और खुद को भी इस लड़ाई में देश के लिए कुर्बान कर दूँगी।"
मोदी ने कहा था, 'मैं 130 करोड़ देशवासियों को बताना चाहता हूँ कि 2014 में पहली बार मेरी सरकार के सत्ता में आने के बाद से NRC पर कभी चर्चा नहीं हुई।' उन्होंने कहा कि यह उच्चतम न्यायालय के आदेश की वजह से सिर्फ असम में किया गया। मोदी ने यह भी कहा था कि, नागरिकता कानून या NRC का भारतीय मुस्लिमों से कुछ लेना देना नहीं है।
मुंबई के आज़ाद मैदान में आयोजित रैली में सीएए और एनआरसी के विरोध के नाम पर लोगों ने न सिर्फ़ शरजील इमाम के समर्थन में नारे लगाए गए बल्कि कई बैनर-पोस्टरों में कश्मीर को ‘आज़ादी’ देने की माँग की गई थी।