वाराणसी में हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद के मकान पर बुलडोजर चलने पर इसे लिबरल-वामपंथी गैंग ने अधूरी जानकारी के साथ 'मुस्लिम पीड़ित' नैरेटिव से जोड़कर प्रचारित किया।
असल आश्चर्य इस किताब को पढ़ने के बाद हुआ। पूरी किताब में कहीं भी ऐसी बात नजर नहीं आई, जिस पर दंगा हो सके, दर्जनों लोगों की जानें जाएँ और लेखक पर दर्जनों बार जानलेवा हमले हों...।
फैशन शो में पहने गए कपड़े देख कश्मीर में इस्लामी कट्टरपंथी भड़क गए। उन्होंने कहा कि रमजान के महीने में ये सब क्या हो रहा है। स्थानीय इससे सदमे में हैं।