राजपथ के हुनर हाट स्थित जिस लिट्टी चोखा स्टाल पर मोदी ने लिट्टी चोखा का स्वाद लिया था, उस गुमनाम पड़े स्टॉल में आज भीड़ समाए नहीं समा रही। वहीं कर्नाटक के रायचूर स्थित जिस पकौड़े वाली दुकान पर राहुल ने पकौड़े खाए थे, उस पर लगा ताला, सोशल मीडिया पर लोगों ने लिए मजे।
कॉन्ग्रेस अध्यक्ष का चुनाव नहीं होने को लेकर संदीप दीक्षित ने बगावती सुर दिखाए हैं। उनका समर्थन करते हुए थरूर ने कहा है, “संदीप दीक्षित ने जो कहा है वह देश भर में पार्टी के दर्जनों नेता निजी तौर पर कह रहे हैं। इनमें से कई नेता पार्टी में जिम्मेदार पदों पर बैठे हैं।”
"अतिथि विद्वानों से कॉन्ग्रेस ने वादा किया था कि सरकार बनने पर हमारी माँगों को पूरा किया जाएगा। हमने साल भर तक इंतजार किया। उसके बाद ही हमने अपना आंदोलन शुरू किया। मगर आंदोलन शुरू होते ही अतिथि विद्वानों को नोटिस मिलना शुरू हो गया।"
राहुल गाँधी ने बेशर्मी से दावा कर दिया कि एक-एक महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट में खड़े होकर मोदी सरकार को ग़लत साबित कर दिया। वे भूल गए कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार नहीं, मनमोहन सरकार लेकर गई थी।
2018 में हुए मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों के दौरान तब के कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने सरकार बनने के 10 दिन के भीतर किसानों के 2 लाख रुपए तक के कर्ज को माफ़ करने का वादा किया था। उन्होंने तब यह भी कहा था कि ऐसा न कर पाने की स्थिति में वो अपने मुख्यमंत्री को बदले देंगे।
...अगर गृह मंत्रालय नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो के प्रस्ताव को स्वीकार करता है, तो गाँधी परिवार को हवाई अड्डे की सुरक्षा से आम नागरिक की तरह गुजरना होगा और घरेलू या अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सवार होने के लिए अन्य यात्रियों के साथ कतार में खड़ा होना होगा।
आज वीरगति प्राप्त करने वाले जवानों को नमन करने का दिन था। लेकिन, कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने इस मौके को भी सियासत के लिए चुना। अपने ट्वीट से राहुल गॉंधी ने जाहिर कर दिया है कि साल भर में उनकी विकृत सोच बदल नहीं पाई है।
विरोध होने के बाद राहुल गाँधी ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया। उन्होंने फिर से दोबारा बिना नक़्शे वाला ट्वीट किया और कोरोना वायरस को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। हालाँकि, राहुल गाँधी ने अभी तक इस पर माफी नहीं माँगी है। इससे पहले शशि थरूर भी ऐसा कर चुके हैं।
राहुल गाँधी की नर्वसता उस दिन साफ़ देखी गई कि, जब राहुल गाँधी दिल्ली की इकलौती अपनी जनसभा में बोल बैठे, "6 महीने बाद मोदी को देश के युवा डंडा मारेंगे।" दिल्ली में कॉन्ग्रेस की इकलौती जनसभा में दिया राहुल गाँधी का यह बयान पार्टी के गले की फाँस बन गया, जिसे लेकर कॉन्ग्रेस पार्टी के कई बड़े नेताओं को सफाई तक देनी पड़ी।
प्रधानमंत्री के इस मजाकिया अंदाज़ से पक्ष ही नहीं बल्कि विपक्षी नेता भी बेंच थपथपाते नज़र आए। इनमें से एक कोडिकुन्नील रमेश भी शामिल थे। वो कॉन्ग्रेस के सांसद हैं लेकिन जब पीएम मोदी ने बिना नाम लिए राहुल गाँधी को 'ट्यूबलाइट' कहा तो वो अपनी हँसी नहीं रोक पाए।