कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गॉंधी कोरोना हॉटस्पॉट को लेकर झूठ बोलते पकड़े गए हैं। उन्होंने रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन के निर्धारण को लेकर गुमराह करने की कोशिश की है।
राहुल गाँधी के समर्थकों द्वारा किए गए ट्वीट्स के भरमार को देखकर यकीन होता है कि राहुल गाँधी के फॉलोवर उन्हीं की तरह हैं। जो बिना तथ्यों की जाँच परख किए समाज में झूठ फैलाने में लग जाते हैं।
"पिछले कई दिनों से राज्य सरकार इस मॉडल का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है, लेकिन मुझे तब दुख ज्यादा हुआ कि जब इसका श्रेय राहुल गाँधी को भी दिया जाने लगा। जबकि सच यह है कि भीलवाड़ा की जनता ने इसे एक मॉडल के रूप में स्थापित करने और कोरोना से लड़ने के लिए छोटी-छोटी बातों का कड़ाई से पालन किया और आत्मसंयम का परिचय दिया। हम लोग प्राधनमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई अपील से बहुत प्रभावित हैं।"
यह पहली बार नहीं है जब कॉन्ग्रेस को दूसरों के क्रिएटिव आइडिया को चुराते हुए और उन्हें ओरिजिनल आइडिया के रुप मे पेश करते हुए पकड़ा गया है। इससे पहले भी कॉन्ग्रेस पार्टी कई बार इस तरह की हरकतें कर चुकी है। 2017 में कॉन्ग्रेस ने कार्टूनिस्ट सतीश आचार्य के आर्ट वर्क को चुराया था। पार्टी ने इसमें से भी लोगो को हटा दिया था।