पीएम मोदी ने राहुल गाँधी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी का नाम लिए बगैर कहा था, "आपके पिता को उनके राज दरबारियों ने गाजे-बाजे के साथ 'मिस्टर क्लीन' बना दिया था, लेकिन उनका जीवनकाल 'भ्रष्टाचार नंबर-1' के रूप में समाप्त हो गया।"
अपनी धुर विरोधी पार्टी बीजेपी के ख़िलाफ़ कोई मुद्दा ना मिलता देख केवल इसी ताक में रहना कि कब मोदी क्या कह दें और उसे एक मौक़ा समझकर ये सारे लपक लें, और फिर शुरू हो जाए अनरगल बातों का दौर।
'इंडिया टुडे' ने जिस इंटरव्यू को प्रसारित नहीं किया उसके बीच से ही शायद ये तस्वीरें निकल कर आई हैं। इनमें जो भंगिमा है वो किसी खलनायक के 'आओ कभी हवेली पर' वाले रूप की ही याद दिलाती हैं।
हास्य कलाकार ने कहा, "फिर भले ही हम उनका मजाक उड़ा रहे हों, उनके नाम पर कॉमेडी कर रहे हों, या जो भी हो, लेकिन सुन लो ‘आएँगे तो मोदी जी ही’।" साथ ही, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में जिस चैनल से वो वीडियो पेश किया गया उस चैनल का नाम है ‘अब तक’ है जो कि भारतीय चैनल ‘आज तक’ का कॉपी है।
2011-12 में, फ्लैश फोर्ज ने यूके आधारित कंपनी ऑप्टिकल आर्मर का अधिग्रहण किया और McKnight कंपनी के निदेशक के रूप में ऑप्टिकल आर्मर से जुड़ गया। 2012-13 में, McKnight को ऑप्टिकल आर्मर कंपनी के 4% शेयर आवंटित किए गए थे।
कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता इस फॉर्म को बाँटते वक्त लोगों को बकायदा ये भी बता रहे हैं कि किस सूची में कौन सी जानकारी भरनी है। इस फॉर्म में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों से महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ जैसे नाम, पिता का नाम, बैंक का नाम, बैंक खाता और आधार नंबर आदि भरवाया जा रहा है और इसके महत्त्व को बढ़ाने के लिए इस पर अँगूठे का निशान भी लिया जा रहा है।
भारतीय गृह मंत्रालय ने बड़ा क़दम उठाते हुए राहुल गाँधी को नोटिस थमाकर उनकी विदेशी नागरिकता पर 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है जिसपर अभी तक राहुल ने जवाब नहीं दिया है।
वीडियो में ये ग्रामीण बता रहे हैं कि साल 2014 के बाद राहुल ने दोबारा गाँव को मुड़के नहीं देखा। ग्रामीण की शिकायत है कि राहुल गाँधी उनके गाँव में कोई विकास कार्य नहीं किया है।
राहुल के भुंअन बाई के घर खाना खाने से पहचान तो मिली लेकिन जीवन की किसी समस्या का समाधान नहीं। टपरियन आज भी स्कूल, पेयजल की कमी, बेरोजगारी से दो-चार है।