राहुल गाँधी के वायनाड लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के औपचारिक ऐलान के बाद वाम दलों में हलचल मच गई। वाम दलों ने इसे भाजपा के ख़िलाफ़ लड़ाई को कमजोर करने का प्रयास बताते हुए राहुल को हराने का दावा किया।
ट्विटर पर कुछ लोगों ने राहुल गाँधी को आज के दिन शुक्रिया भी कहा। इन लोगों का मानना है कि राहुल गाँधी ने उन्हें इस दिन मुस्कुराने और हँसने की वजह दी है।
हार के बाद इंदिरा गाँधी ने दक्षिण भारत का रुख किया। अपना पहला चुनाव लड़ रही सोनिया के लिए दक्षिण में 'सेफ सीट' खोजी गई। अब हार से डरे राहुल भी दक्षिण भारत भाग खड़े हुए हैं। चिकमंगलूर, बेल्लारी और अब वायनाड- क्या है इनमें समान?
ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमिटी के पूर्व सचिव एवं वरिष्ठ नेता पी. सुधाकर रेड्डी ने रविवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कॉन्ग्रेस पर आरोप लगाया है कि पार्टी अपना टिकट देने के लिए उम्मीदवारों से करोड़ों रुपये माँगती है।
वायनाड में मुक़ाबला बहुत अधिक दिलचस्प है क्योंकि कॉन्ग्रेस ने 2014 में लोकसभा में माकपा के उम्मीदवार के रूप में मुस्लिम उम्मीदवार एमएल शाहनवाज़ को मैदान में उतारा था। कॉन्ग्रेस उम्मीदवार ने 21,000 मतों के बहुत कम अंतर से जीत हासिल की थी।
सरकार को जहाँ लोगों को जिम्मेदार बनाने की कोशिश करनी चाहिए, उन्हें मेहनत करके अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करने के लिए प्रेरित करना चाहिए, वहाँ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष लोगों में मुफ्तखोरी का बीज बो रहे हैं।