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प्रधानमंत्री प्रेरणा के स्रोत, चंद्रयान-2 पर उम्मीदें अभी कायम: इसरो प्रमुख सिवन

सिवन ने बताया कि हालाँकि ऑर्बिटर में काफी अतिरिक्त ईंधन मौजूद है। ऑर्बिटर लगभग 7-7.5 साल तक चन्द्रमा की परिक्रमा कर सकता है। विक्रम लैंडर से फ़िलहाल सम्पर्क टूटा हुआ है। अगले 14 दिनों में सम्पर्क फिर से स्थापित करने के प्रयास किए जाएँगे।

असम बाढ़: चीन, रूस, फ्रांस ने बढ़ाया मदद का हाथ, साझा की सैटेलाइट तस्वीरें

2014 के अगस्त में जब चीन में 398 लोगों की जान लेने वाला भूकंप आया था, इसरो ने भी CARTOSAT से ली हुई तस्वीरें चीन की एक्टिवेशन रिक्वेस्ट के बाद भेजी थीं।

अब इंसानों के शरीर में धड़केगा सुअर का दिल: ब्रिटेन का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट करने वाले डॉक्टर का दावा

सिर्फ 3 साल के भीतर सुअर के दिलों को इंसानों में ट्रांसप्लांट करना संभव हो सकता है। 40 साल पहले ब्रिटेन का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट करने वाले डॉक्टर टेरेन्स का कहना है कि इस तकनीक से हृदय रोगियों को एक नई जिंदगी मिल सकती है।

इसरो ने जारी की Chandrayaan-2 द्वारा ली गई पृथ्वी की बेहद खूबसूरत तस्वीरें

2 अगस्त को भारत के मून स्पेसक्राफ्ट चंद्रयान-2 की ऑर्बिट को चोथी बार सफलतापूर्वक बढ़ाया था। इसके ऑर्बिट को 6 अगस्त को दोपहर 2.30 से 3.30 के बीच में पाँचवीं बार बढ़ाया जाएगा।

आज ही के दिन की थी आइंस्टीन ने एक पत्र लिखकर ऐसी गलती, जिसका उन्हें मौत तक अफ़सोस रहा

रूजवेल्ट को लिखे गए इस पत्र के 6 साल बाद 6 और 9 अगस्त, 1945 को अमेरिका ने हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराया था। इतिहास और आइंस्टीन दोनों को यह अफ़सोस हमेशा रहा कि इस महान त्रासदी की नींव पर कुछ Best Brains के भी हस्ताक्षर थे।

जाते-जाते दोबारा उपयोग में लाई जाने मिसाइलों पर काम करने का मंत्र दे गए थे कलाम

रेड्डी ने बताया कि कलाम ने उन्हें दोबारा उपयोग में लाई जाने वाली मिसाइलों पर काम का सुझाव दिया था। एक ऐसी मिसाइल जो पेलोड ले जा सके, फिर वापस आ जाए और दूसरा पेलोड ले जाए।

‘अगर चंद्रयान नेहरू की देन, तो अमेरिका को चाँद पर हिटलर ने भेजा’

बकौल रंगनाथन, अगर कॉन्ग्रेस चंद्रयान-2 का श्रेय नेहरू को देना चाहती है तो ऐसे तो अमेरिका के मानव को चन्द्रमा पर भेजने का श्रेय भी हिटलर को जाएगा।

पहाड़ों में ड्रोन का कमाल, 100 Km/h की रफ्तार से पहुँचाया ब्लड सैंपल

इस ड्रोन को सीडी स्पेस रोबॉटिक्स लिमिटेड नाम की एक फ़र्म ने बनाया था और इसके मालिक निखिल उपाधे हैं जो आईआईटी कानपुर के छात्र रह चुके हैं। उपाधे के अनुसार, “हमने जो ड्रोन बनाए हैं उनमें कूलिंग किट के साथ-साथ आपातकालीन दवाओं और ब्लड यूनिट को ट्रांसपोर्ट करने की क्षमता है।”

100 दिनों में भारत में शुरू हो जाएगा 5G का ट्रायल, BSNL-MTNL को दौड़ में वापस लाएँगे: रविशंकर

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार 5G का प्रयोग विकासोन्मुखी कार्यों के लिए करने का पूरा प्रयास करेगी। उन्होंने बताया कि इस तकनीक का प्रयोग वंचित वर्गों और ग्रामीणों के हित में होगा। साथ ही उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के जनहितकारी कार्यों के लिए 5G तकनीक का इस्तेमाल करने की बात कही।

गगनयान-2022 में भारतीय वायुसेना के अफसर अंतरिक्षयात्री बनकर जाएँगे

रूसी मिशन के साथ अंतरिक्ष में जाने वाले प्रथम भारतीय विंग कमांडर (सेवानिवृत) राकेश शर्मा भी उस समय (1982) में वायुसेना के ही स्क्वाड्रन लीडर थे।

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