कंगना रनौत ने इस फैसले को इंसानियत की जीत बताया और सुशांत के लिए लड़ने वाले हर व्यक्ति को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वह पहली बार ऐसी सामूहिक चेतना की इतनी प्रबल ताकत को महसूस किया है।
कोर्ट ने कहा कि सभी बातों से ये मालूम होता है कि मुंबई पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 के तहत जो जाँच की, वह निश्चित कारण के लिए बहुत सीमित थी। इस केस को अपराध की धारा 157 के तहत नहीं जाँचा गया।