हाल ही में आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान सरकार की तरफ से हाफिज सईद के संगठनों पर बैन नहीं लगाया गया है, बल्कि सिर्फ निगरानी रखने की बात कही गई है।
साल 2014-17 के बीच पकड़े गए जैश-ए-मुहम्मद के आतंकियों में से 4 आतंकियों को प्रशिक्षण बालाकोट के उसी कैंप में मिला है जहाँ पर वायु सेना द्वारा हाल ही में हमला किया गया।
अच्छे लोग जैश-ए-मोहम्मद को पनाह देने वाले इमरान खान में statesmanship देख लेते हैं। 100 लोगों का पोस्ट पढ़कर उन्हें पूरा हिन्दुस्तान खून का प्यासा दिखने लगता है और पाकिस्तान के 2 पोस्ट पढ़कर शान्ति की जन्मभूमि। अच्छे लोग...
जमात ए इस्लामी (जम्मू कश्मीर) के नाम से 1942 में शोपियाँ में मौलवी गुलाम अहमद अहर ने स्थापित किया था जिस पर प्रतिबंध लगाया गया है। जमात ए इस्लामी (जम्मू कश्मीर) आरंभ से ही अलगाववादी संगठन रहा है जिस पर पहले भी (1990) में प्रतिबंध लग चुका है।
राष्ट्रवाद अपने हर रूप, हर रंग, हर तरीके में सुंदर है। अगर अपनी मातृभूमि के लिए चिल्लाना गुनाह है तो लोगों को अपना गला हर दिन खराब करना चाहिए। ऐसे गुनाह होते रहने चाहिए।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने सुरक्षाकर्मियों के राशन की देखभाल करने के लिए आवश्यक उपाय किए हैं। साथ ही, कश्मीर में तैनात सभी सुरक्षा बलों को अलर्ट जारी कर दिया गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अल-क़ायदा का हवाला देते हुए एक बयान में कहा, ‘‘हमज़ा बिन-लादेन अल-क़ायदा के सरगना ओसामा बिन-लादेन का बेटा है और वह अल-क़ायदा से जुड़े संगठनों में नेता के रूप में उभर रहा है।''
मामला जब पुलिस तक पहुँचा तो दामाद ने अपने किए की माफ़ी माँगी जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया। युवक ने पाक सेना की तारीफ़ करते हुए कहा था कि पाकिस्तान सेना भारत की सीमा में दिन-दहाड़े घुस गई।
कुपवाड़ा में हुए मुठभेड़ के बाद पाकिस्तान की तरफ से जिसे शहीद बताया जा रहा है वह असल में आतंकी थे। पाकिस्तान को लेकर ऐसा माना जाता है कि वहां की फ़ौज जो कहती है, सरकार वही करती है।