कैसे भूल जाएँ हम 19 जनवरी 1990 की वह सुबह जिस दिन कश्मीरी पंडितों को अपने घरों से पलायन करना पड़ा था और सरकारें मुस्लिम तुष्टिकरण में आतंक का साथ दे रहीं थीं।
कॉन्ग्रेस ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाई मनोहर सिंह को टिकट देने से मना कर दिया है। खबर है कि वो इन्हीं चुनावों के लिए नौकरी से वीआरएस लेकर बैठे हैं।