महाराष्ट्र के अमरावती से कोरोना पॉजिटिव एक शख्स यूपी के मेरठ अपने ससुराल आता है। यहॉं वह एक शादी समारोह में शिरकत करता है। मस्जिद में नमाज अदा करता है। अस्पताल में भर्ती होता है। अब उसकी पत्नी और तीन सालों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है।
चड्ढा ने ट्वीट किया था कि उन्हें सूत्रों से पता चला है कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली से जाने वाले मजदूरों को दौड़ा-दौड़ा कर पिटवा रहे हैं। बकौल चड्ढा, सीएम योगी ने मजदूरों से पूछा कि वो दिल्ली क्यों गए थे और साथ ही धमकाया कि उन्हें आगे से दिल्ली नहीं जाने दिया जाएगा।
यह राशि फरवरी में अमेरिका की ओर से घोषित 10 करोड़ डॉलर की मदद के अलावा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक लेबोरेटरी सिस्टम, ऐक्टिव केस ढूँढने, निगरानी और टेक्निकल एक्सपर्ट्स की मदद संबंधी तैयारियों आदि को दुरुस्त करने के काम में इस पैसे का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
कई लोगों ने पूछा कि दिल्ली में तो राजस्थान और हरियाणा के भी लोग रहते हैं, उन्हें अपने घरों में क्यों नहीं भेजा गया? कई लोगों ने पूछा कि दिल्ली से सिर्फ बिहारी और यूपी के मजदूर ही क्यों पलायन कर रहे हैं, जबकि रोहिंग्या और अन्य घुसपैठिए सुरक्षित हैं?
सैफ की 21 मार्च को मौत हो गई थी। अब पता चला है कि जॉंच रिपोर्ट आने से पहले ही उसका शव परिवार को सौंप दिया गया था। इससे परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और उनके संपर्क में आने वाले अन्य व्यक्तियों के संक्रमित होने का खतरा मंडरा रहा है।
राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 15 मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करना इस समिति की जिम्मेदारी होगी। देश के सभी जनपदों को कवर करते हुए प्रत्येक कैबिनेट मंत्री को न्यूनतम 15 जनपदों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जम्मू-कश्मीर में जिस व्यक्ति की कोरोना वायरस के कारण मौत हुई है, वो भी मजहबी प्रचारक ही था। 65 वर्षीय मौलवी की मौत श्रीनगर चेस्ट हॉस्पिटल में हुई। जिस मजहबी कार्यक्रम की बात प्लानिंग सचिव कर रहे थे, उसमें ये मौलवी भी उपस्थित था।
बीसीसीआई ने यह रकम 'प्राइम मिनिस्टर सिटीजन असिस्टेंस एंड रिलीफ इन इमरजेंसी सीचुएशन्स फण्ड' में दिया है। इससे पहले सचिन तेंदुलकर और सुरेश रैना सहित कई खिलाड़ी सहायता का ऐलान कर चुके हैं।
"हमने टेस्टिंग बढ़ा दी है पर विदेशों से लौट कर आए हुए लोग और एनआरआई 14 दिन के होम क्वारन्टाइन से बचने के लिए यहाँ-वहाँ छिपे घूम रहे हैं। उन्हें स्वयं तथा समाज के हित में स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के अनुसार आचरण करने की जरूरत है।"
"मैं कौन होता हूँ चैरिटी या डोनेट करने वाला? दूसरी बात ये कि हम अपने देश को भारत माता कहते हैं। मेरा ये योगदान असल में मेरा नहीं है। ये मेरी माँ की तरफ से भारत माता के लिए है।"