लखीसराय के गाँधी मैदान में सभा करने पहुँचे कन्हैया कुमार को नारंगी शर्ट पहने एक युवक ने चप्पल फेंक कर मारा। चप्पल फेंक कर मारने वाले युवक का नाम चंदन कुमार है। पुलिस ने आरोपित युवक को कन्हैया समर्थकों की मार से बचाते हुए हिरासत में ले लिया।
शीर्ष अदालत ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े, साधना रामचंद्रन को मध्यस्थ नियुक्त किया है। CAA विरोध के नाम पर दो महीने से ज्यादा समय से प्रदर्शनकारियों ने रास्ता बंद कर रखा है।
जामिया हिंसा के विडियो में से एक चेहरा पहचान (सूत्रों के अनुसार) लिया गया है। जिस शख्स का चेहरा वायरल हुआ है, उसका नाम मो. अशरफ भट है। यह जामिया में PhD का स्टूटेंड है। लेकिन फिलहाल गायब है। ऑनलाइन-ऑफलाइन, कहीं भी इसकी कोई जानकारी नहीं है।
एडिटेड वीडियो को गिरोह विशेष ने वायरल किया। तथाकथित लिबरल पत्रकारों ने इस वीडियो के सहारे न सिर्फ़ दिल्ली पुलिस को क्रूर और अत्याचारी साबित करने का झूठा प्रयास किया, बल्कि जामिया नगर के दंगाइयों को भी पाक-साफ़ बताने की कोशिश की।
पीएम ने बीएचयू में एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का उद्घाटन किया। 430 बेड वाला ये अस्पताल 21 महीनों में बन कर तैयार हुआ है। सीएए और अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के फ़ैसलों के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं उठता है।
सीमा रिजवी पर जामिया कोऑर्डिनेशन कमिटी (JCC) के कुछ सदस्यों द्वारा हमला किया गया। उनकी बेटी को किडनैप करने की धमकी दी गई। उन लोगों ने यह धमकी इसलिए दी, क्योंकि उन्होंने CAA विरोधी प्रदर्शन की वीडियो फेसबुक पर डाल दी थी।
“वो हर सुंदर कला को और भी सुंदर बनाती हैं। मर्दों की तरह मेहनत वो रात-दिन करती हैं, मगर फिर भी कुछ ना करने की तोहमत लगाई जाती है। दिल में जो डर का किला है, वो तोड़ दो अंदर से तुम, एक ही झटके में अपने आप ही वो ढह जाएगा। आओ मिलकर हम बढ़ें, अधिकार अपने छीन लें। काफिला अब चल पड़ा है। अब न रोक पाएगा।”
CPI नेता कन्हैया कुमार इन दिनों CAA, NRC और NPR के खिलाफ 'जन-गण-मन यात्रा' पर निकले हुए हैं, लेकिन उन्हें लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है। बिहार के जिस भी जिले में वह अब तक पहुँचे हैं, उनमें से अधिकतर जगहों पर कन्हैया कुमार के काफिले पर हमला बोला गया है।
"कुछ राज्यों में सफलता नहीं मिली लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि भाजपा से लोगों का विश्वास उठा है। महाराष्ट्र में हम चुनाव जीते हैं। हरियाणा में केवल 6 सीटें कम हुईं हैं। झारखंड में हम चुनाव हारे और दिल्ली में पहले से हारे हुए थे, बावजूद इसके सीट और वोट पर्सेंट बढ़ा है।"
कोटा और बीरभूम में मुस्लिम महिलाओं को CAA विरोधी भीड़ ने पीटा क्योंकि वो सर्वे कर रही थीं। योगेंद्र यादव सरीखे बुद्धिजीवी ही इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार होते हैं, जो CAA और NRC पर मीठा बोल के लोगों को भड़का रहे हैं। योगेंद्र यादव के ताज़ा वीडियो में उनके ताबड़तोड़ झूठ की पोल-खोल।