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पत्रकारिता का समुदाय विशेष

विरोध के लिए त्रिशूल पर कंडोम देखकर खुश होने वाले लिबरल्स आपत्ति करने का खो चुके हैं हक़

राणा अय्यूब जैसे लोग हों या फिर स्क्रॉल जैसे मीडिया गिरोह, अलीगढ़ काण्ड में अपराधियों के नाम असलम और जाहिद होने के कारण उन सबका रोना यही है कि अपराध को साम्प्रदायिक रंग दिया जा रहा है। उन्हें समझना होगा कि यह सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जा रहा है, बल्कि जो जहर उन लोगों ने बोया था, ये उसी के रुझान देखने को मिल रहे हैं।

दलित और गोमूत्र से घृणा करने वाला द वायर का हिन्दूफोबिक मीडिया ट्रोल इसलिए अपराधी नहीं हो सकता

...लेकिन इस बार भी यही होना है। दलितों की तुलना जानवरों से करने वाले द वायर के इस पत्रकार को जनता फिर से अपना नायक बना देगी और उसके लिए यही उपलब्धि काफी होगी। हो सकता है अगले चुनाव में प्रशांत कनोजिया भी किसी सड़क पर चंदा माँगता हुआ नजर आए।

अक्षय पात्र विवाद पर The Hindu में दोफाड़, दो बड़े नाम पब्लिक में फेंक रहे कीचड़

चाहे यह नूराकुश्ती हो या सच में The Hindu दोफाड़ हो गया हो, पत्रकारिता के समुदाय विशेष को यह अब समझ में आने लगा है कि हिन्दू हिट-जॉब बर्दाश्त नहीं करेंगे।

The Hindu को तमाचा: 11 घंटे में 510 लोगों ने अक्षयपात्र को दान किए ₹21 लाख

आनंद रंगनाथन ने अक्षय पात्र के समर्थकों से अपील की कि केवल जबानी समर्थन देने की बजाय अक्षय पात्र के कार्य के समर्थकों को अपना पैसा अपने समर्थन के रूप में लगाना चाहिए। तभी हिन्दूफ़ोबिक गिरोहों को जवाब मिलेगा।

The Quint के संस्थापक राघव बहल के खिलाफ ED ने दर्ज किया मनी लांड्रिंग का मामला

राघव बहल के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आयकर विभाग ने हाल ही में राघव बहल के खिलाफ मेरठ की अदालत में कालाधन निरोधी कानून के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था।

राम नवमी हिन्दुओं के लिए हिंसा व सांप्रदायिकता की जगह! Scroll ने फिर उगला जहर, लेख में केवल झूठ

स्क्रॉल का लेख उसी समय आ रहा है जब रथयात्रा पर घटिया सवाल उठाने को लेकर The Hindu पहले ही घिरा हुआ है। यह संयोग नहीं, साज़िश है। फार्मूला है हिन्दू धर्म को खात्मे की तरफ ढकेलने का.....

Pellet Guns कश्मीरी पत्थरबाज़ों के भले के लिए… लेकिन शेहला रशीद और The Wire चला रहे प्रोपेगेंडा

पैलेट गन कश्मीर की जनता के भले के लिए है। यह उनके भले के लिए भी है, जो अपनी ही रक्षा करने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को चोट पहुँचाते हैं, वरना इसकी जगह अगर अन्य हथियारों का प्रयोग किया जाए तो CRPF ने जो कोर्ट में कहा - लोगों के मरने की संभावनाएँ बढ़ जाएँगी - वो सत्य हो जाएगा।

मुग़ल भारत में अंगूर लेकर आए: ‘The Print’ और ‘इतिहासकार’ सलमा युसूफ के झूठ का पर्दाफाश

अगर मुगलों की बात करें तो बाबर ने 16वीं शताब्दी में दिल्ली में राज करना शुरू किया, जबकि चीनी यात्री ने उससे लगभग 900 वर्ष पूर्व भारत में अंगूरों और अंगूर के रस का जिक्र किया है। इससे पता चलता है कि 'द प्रिंट' के लेख में किया गया दावा बिलकुल ही ग़लत है।

‘द हिन्दू’ वालो, पुरी में रथ बनेगा भी, चलेगा भी, और तुम्हारी एंटी हिन्दू छाती पर मूंग भी दलेगा

काले दिल वाले इन असुरों की दृष्टि श्री कृष्ण के रथ पर है। यह हिन्दुओं पर है कि वह असुरों को रथ का पहिया तोड़ देने देते हैं, या आसुरिक इरादों को ही रथयात्रा के नीचे कुचल देते हैं...

Fact Check: विदेशी पत्रकार ने फैलाया महाझूठ, साजिद के पिटने की वजह उसका मुस्लिम होना नहीं

विदेशी पत्रकार वेर्लेमन ने एक विडियो पोस्ट किया, जिसमें साजिद नाम का मुस्लिम युवक आपबीती सुना रहा है। इसमें वो साफ़-साफ़ कह रहा है कि उसे जेबकतरों ने रोका, लेकिन फिर भी इस विडियो को 'हिन्दुओं द्वारा मुस्लिमों पर हमले' के रूप में प्रचारित किया जा रहा है।

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