मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों को धमकाते हुए ये याद रखने की सलाह दी कि वर्तमान केंद्र सरकार हमेशा के लिए नहीं है और कल को वो भी सत्ता में आएँगी। ममता ने कहा कि केंद्रीय बल याद रखें कि उन्हें हमारे साथ भी काम करना पड़ेगा।
गुरुवार को लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के शुरू होते ही, पश्चिम बंगाल से बड़े पैमाने पर लगातार राजनीतिक हिंसा और चुनावी हिंसा की ख़बरें सामने आईं। इसी बीच नादिया ज़िले के रानाघाट से चुनाव अधिकारी अर्नब रॉय लापता हो गए। अब उनकी पत्नी...
अर्नब रॉय दूसरे चरण के मतदान के दिन दोपहर के भोजन के बाद चुनाव ड्यूटी से गायब हो गए। वह EVM और VVPAT के प्रभारी थे। पश्चिम बंगाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जाँच शुरू कर दी है।
भाजपा कार्यालय से लेकर पेड़ तक पर भाजपा कार्यकर्ताओं की लाशें लटकी होने की ख़बर इतनी आम हो गई हैं कि सुन कर पहले ही सोच लेता हूँ कि बंगाल की ही ख़बर होगी।
भाजपा उम्मीदवार देबाश्री चौधरी ने आरोप लगाया था कि TMC कार्यकर्ता मुस्लिमों के समूह के साथ प्रचार कर रहे थे और उन्होंने वहाँ एक बूथ पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश भी की थी।
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया ज़िले में एक भाजपा कार्यकर्ता का शव पेड़ से लटका मिला। ओडिशा में 26 वर्षीय बीजेपी कार्यकर्ता सदानंद बेहरा का शव खून से लथपथ था। बूथ पर डराने-धमकाने वाली ख़बर की रिपोर्टिंग करने गए रिपोर्टर के साथ मारपीट... हो क्या रहा है इस देश में?
कभी विपक्ष को एकजुट करके रैली निकालने वाली ममता बनर्जी आज खुद कॉन्ग्रेस पर चुनाव जीतने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मदद लेने का आरोप लगा रही है। उनके अनुसार जंगीपुर में अभिजीत मुखर्जी के लिए और बहरामपुर में अधीर चौधरी के लिए RSS प्रचार कर रही है।
कॉन्ग्रेस नेता इसे ममता बनर्जी की राजनीतिक चाल बता रहे हैं। कुछ दिन पहले ही ममता बनर्जी ने कॉन्ग्रेस पर आरोप लगाया था कि कॉन्ग्रेस भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर नहीं लड़ रही है।
मियाँ का कहना है, “TMC को 100% वोट मिलना चाहिए, अन्य पार्टियों को वोट नहीं मिलना चाहिए। उनका कहना है कि अगर कोई किसी अन्य पार्टी को वोट देने की कोशिश करता है, तो उनकी पहचान की जाएगी। यह पार्टी का निर्देश है।”