फॉर्म पर कॉन्ग्रेस के चुनाव चिन्ह के साथ-साथ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की भी फोटो छपी थी। जब ग्रामीण-जन स्थानीय सरकारी कार्यालय में अपने फॉर्म जमा करने के लिए पहुँचे, तो उन्हें पता चला कि उन्हें जो फॉर्म वितरित किए गए वो नकली थे और इनका वितरण केवल उन्हें धोखा देने के लिए किया गया था।
इस घटना को लगभग एक वर्ष होने वाला है और इस एक वर्ष के भीतर ही कॉन्ग्रेस के युवा अध्यक्ष राहुल गाँधी ने जनेऊ भी धारण किया, अमरनाथ यात्रा का भी फोटोशॉप किया, समय और परिस्थिति के अनुसार हिन्दू प्रतीकों के साथ खूब तस्वीरें खिंचवाते नजर आते हैं, उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक के मंदिर का भ्रमण और धोती पहनना सीखने तक के उपक्रम राहुल गाँधी को करने पड़े हैं।
सुप्रीम कोर्ट की 3 जजों की खंडपीठ ने राहुल गाँधी की ओर से पेश उनके वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि पीठ उनके मुवक्किल के जवाब से सन्तुष्ट नहीं है और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को अवमानना नोटिस जारी कर रही है। मामले की अगली सुनवाई अगले मंगलवार यानी 30 अप्रैल को होगी।
एक तरफ तो कोर्ट में वो अपनी ग़लती के लिए हाथ जोड़कर माफ़ी माँगने का स्वांग रचते दिखते हैं, तो दूसरे ही पल कोर्ट से बाहर आते ही फिर से अपना वही हमलावर रुख़ अख़्तियार करते हैं। अपने माफ़ीनामे के बाद भी आदतन पीएम मोदी को आड़े हाथों लेना उनकी कुंठित मानसिकता और हताशा को दर्शाता है।
राहुल गाँधी ने प्रोपेगेंडा वेबसाइट 'द वायर' की एक वीडियो शेयर की। वीडियो में यह दिखाया गया है कि कुम्भ मेले के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन स्वच्छता कार्यकर्ताओं के पैर धोए थे, वो मोदी से असंतुष्ट हैं। उन्हीं लोगों के एक्सक्लुसिव वीडियो सामने आने पर अब हो रही है इनकी 'सोशल धुनाई'!
प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा कि उनकी पार्टी मेहनती कार्यकर्ताओं की बजाय गुंडों को तरजीह दिए जाने से वह दुखी हैं। उन्होंने पार्टी के लिए हर तरफ से गालियाँ झेलीं पर यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पार्टी के भीतर ही उन्हें धमकाने वाले मामूली कार्रवाई के भी बिना बच निकलते हैं।
लड़ाई मजेदार है। इस चुनाव में AAP-कॉन्ग्रेस से लेकर उन तमाम न्यूट्रल पक्षकारों की भी अस्मिता दाँव पर लगी है जो अभी तक विभिन्न संस्थाओं पर कब्ज़ा जमाकर सत्ता की मलाई खा रहे थे।
पित्रोदा ने हाल ही में राहुल गाँधी की प्रस्तावित NYAY योजना का बचाव करने की कोशिश की थी और यह भी कहा था कि भले ही करों को बढ़ाना होगा इसके लिए मध्यम वर्ग को स्वार्थी नहीं होना चाहिए और इसके उन्हें अपना दिल बड़ा करना होगा।
कोट्टायम के एरुमेली गाँव के निवासी, राहुल गाँधी केई लोक संगीत के विद्यार्थी हैं। उनके छोटे भाई का नाम राजीव गाँधी केई है। वहीं राघुल गाँधी के बारे में बताएँ तो वो तमिलनाडु के कोयम्बटूर से हैं। 30 वर्षीय अगिला इंडिया मक्कल काज़गम के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।