स्टैंड-अप कॉमेडी के नाम पर हिंदू देवी देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मुनव्वर फारूकी पर पिछले महीने दिल्ली में एक शिकायत दर्ज हुई थी। लेकिन अभी तक न FIR हुई न कोई कार्रवाई।
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ जिस तरह का व्यवहार हो रहा है उस पर खुद का मूल्यांकन करना चाहिए। पाकिस्तान ईश निंदा संबंधी क़ानून बना कर अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों का हनन कर रहा है।
ऐसा लगता है कि तेलंगाना पुलिस ने संप्रदाय विशेष के लोगों के समूहों को एक जुलूस आयोजित करने में सहायता किया है, क्योंकि खुद शहर के पुलिस आयुक्त ने ‘आलम’ का जुलूस निकालने की अनुमति दी थी।
कई शिकायतों के बाद भी जब फारूकी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो उसकी हिम्मत और बढ़ गई। नतीजतन ये दोबारा यूट्यूब पर आया और इस बार एक नए अंदाज में उन लोगों का मजाक बनाया जो उसके ख़िलाफ़ थे।