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‘चल निकल दलाल… तेरी माँ की…’- रिपब्लिक भारत का रिपोर्टर देखते ही प्रदर्शनकारी ने दिखाई अपनी हकीकत

रिपोर्टर पीषूष ने अपने साथ हुई बदसलूकी और गाली-गलौच पर पर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया को टैग किया। उन्होंने लिखा कि एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया से निंदा की अपेक्षा है। देखना दिलचस्प होगा कि वामपंथी नैरेटिव को तोड़ते हुए एडिटर्स गिल्ड क्या कदम उठाती है।

जेएनयू में रविवार को पेरियार हॉस्टल के भीतर घुसकर छात्रों के साथ हुई हिंसा के बाद विश्वविद्यालय के बाहर काफी बवाल हुआ। सोशल मीडिया पर लोगों से फौरन अपना विरोध दर्ज कराने के लिए घटनास्थल पर पहुँचने की अपीलें की गईं और देखते ही देखते बड़ी तादाद में लोग यहाँ इकट्ठा हो गए। इस घटना के बाद कई सौ की तादाद में लोगों ने जेएनयू के बाहर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस बीच कई मीडियाकर्मी भी वहाँ रिपोर्ट करने पहुँचे। लेकिन, इसी दौरान रिपब्लिक भारत के रिपोर्टर पीयूष मिश्रा को देखकर जेएनयू का एक प्रदर्शनकारी भड़क गया और उनसे गाली गलौच पर उतर आया।

सोशल मीडिया पर अपनी रिपोर्टिंग की वीडियो जारी करते हुए पीयूष ने अपने साथ हुए वाकये पर सबका ध्यान आकर्षित करवाया। उन्होंने अपने ट्वीट पर लिखा,”जेएनयू के बाहर, भारी तादाद में मौजूद पुलिस फोर्स के बीच, रिपोर्टिंग करते हुए इस प्रकार एक जेएनयू प्रदर्शनकारी ने मुझसे दुर्व्यवहार किया, गाली-गलौच की। इस दौरान किसी पुलिस कर्मी ने इन गुंडों को नहीं रोका।”

पीषूष ने अपने साथ हुई बदसलूकी पर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया को टैग किया और लिखा कि उन्हें एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया से अनेपक्षित निंदा की अपेक्षा है।

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर कल की घटना के बाद जेएनयू के प्रदर्शनकारियों को लेकर एक अलग ही माहौल बना हुआ है। पीयूष मिश्रा से बदसलूकी पर लोगों का पूछना है कि क्या ड्यूटी कर रहे मीडियाकर्मी से गुंडागर्दी जायज है? वहीं, कुछ का कहना है कि क्या जिसने पीयूष के साथ इस तरह सलूक किया उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए, ऐसे लोग विरोध के नाम पर विद्रोह करते हैं।

यहाँ बता दें कि सोशल मीडिया पर वामपंथी गिरोह के लोगों द्वारा रिपब्लिक टीवी को केंद्र सरकार का गुणगान करने वाले चैनल के रूप में प्रदर्शित किया जाता है। ऐसे में इस चैनल के रिपोर्टर को देखकर जेएनयू प्रदर्शनकारी के शब्द, उसकी बदसलूकी साफ दर्शाती है कि ये गाली वो सिर्फ़ पीयूष मिश्रा को नहीं दे रहा बल्कि केंद्र सरकार और उसके समर्थन में बोलने वाले लोगों को दे रहा है। जिनकी उपस्थिति से भी जेएनयू वालों को गुरेज है और जिन्हें देखकर उन्हें डर है कि उनके द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन का कोई दूसरा एंगल दर्शक तक न पहुँच जाए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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